प्यार के प्रकार, प्यार एक बहुत ही मजबूत भवना होती है, जिसे समझने के लिए दिमाग कि नहीं दिल कि अवश्यक्ता है । यह सिर्फ एक कहावत है कई लोगों को लगता है कि प्यार दिल से होता है लेकिन सच तो यह है कि प्यार दिमाग से होता है । दिल तो सिर्फ धडकता है, दिमाग बार बार उस चिज के बारे मे सोचता है जो कि अपना सा लगने लगता है उसके बाद प्यार हो जाता है ।

प्यार दुनिया का एक ऐसा अहसास जिसमे हम खो ही चाले जातें है । एक अहसास जो दुनिया को आच्छे नजरीया से दिखाता है और कईओं को दुनिया छोडने मे भी मजबूर कर देती है । प्यार किसी के जिंदगी बादल देता है और काम निकालने वालों से गलती से प्यार हो जाये तो बिगाड भी जाती है । प्यार नहीं करना किसी के बस में नहीं, क्योंकि प्यार कभी भी और किसी भी समय और किसी भी उम्र मे हो जाती है, इसीलिये तो दिवाने कहते है प्यार कि कोई उम्र नहीं होती । न चोट लगती है, नहीं खून निकालता है, जख्म ऐसा मिल जाता है कि जिंन्दगी के खतम होने के बाद भी  राह जाता है और दिन मे खुले आँख सपना दिखा जाता है । ऐसे ही कई रोचक कहवात जो प्यार वाला रिलेशनशिप मे सूनते आ रहे है, और हम आगे जनेंगे 10 प्यार वाले रिलशनशिप के प्रकार जो कि, क्यों प्रकार मे है ?

10 प्यार रिलशनशिप के प्रकार

1 एकतरफा प्यार

जो प्रमीका अपने प्रेमीका से बहुत प्यार करते हुये भी, उस्से वह मन कि बात बताने के बाद प्रेमीका माना कर देती है और प्रेमीका के दिल मे उस प्रेमी के लिये कुछ भी

प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार
प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार

भवना नहीं हो फिर भी प्रेमी प्रेमीका से बहुत प्यार करता है उस्से एकतरफा प्यार के नाम से जाना जाता है ।

एकतरफा प्यार मे बहुत पागलपन वाला प्यार होता है, जो इंसान कि भूला ने कोशिस कई बार नकामयाब हो जाती है । लडकी के बार बार माना करना पर उन्हे चिडचिडा बना देता है । इस वाजह से कई प्रेमी तो पागल हो जातें, जो उसे याद करके जिते है वे कुछ शायद प्रेमी अपने मन मे प्रेमिका को मन में याद भवनाओं के साथ अपने आप से कहते है- न चहता तो मैं इस दुनिया में क्या करता, मैं टूट के बिखार जाता, जैसे लगता है उसके जैसे ओर कोई नहीं है इस दुनिया मे ।  सोचता हूँ भूल जाऊं, पर भूला नहीं पाता, कई बार अपने दिल की बात बता चुका हूं, पर वह मुझे माना कर देती है । फिर भी दिल मेरा उसके लिये, तडपता है, उसकी बहुत याद आती है ।

2 संबध वाला प्यार

जिस प्रेमीओं के बीच शरीरिक संबध पाया जाता या देखा जाता है उस्से संबध वाला प्यार कहा जाता है ।

प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार
प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार

माना कि देश में शादी से पहले शरीरिक संबध बनाना गैरकानूनी है, लेकिन प्यार दो तरफा होने के बाद शायद ही इस दुनिया मे वैसा कोई होगा जो कि अपने आप को मछली पकडने से रोक साके । और इस जहाँ मे ऐसे लोग भी है जिन्हे सिर्फ सबंध वाला प्यार केवल होता है, और इस प्यार मे शरीरिक संबध तथा किस, चूंबन जैसे कार्य होते हैं । यह प्यार सिर्फ मछली पकडने तक ही होती  है जो कि मछली पकडने के कुछ दिन बाद समप्त हो जाती है । कईओं के सोच तो इस तरह भी होती है कि, एक ही तलाब के मछली पकाड पकाड के बोर हो जाते है । जिसके कारण किसी और तलाब मे चाले जाते है । यह वाजह है जिसके कारण संबध वाला प्यार ज्यादा दिन तक नहीं टिकता ।

 

 

3 सच्चा वाला प्यार

जो प्रेमी प्रेमीका एक दूसरे के साथ बिना वाजह साथ रहते है, उनमे सालों तक प्यार बनी रहती है, न ही किसी भेदभाव के और न ही किसी प्रकार के धोखा धाडी उन प्रेमिओं के बीच मे जो प्रेम पाई जाती हो उस्से सच्चा वाला प्यार कहते है ।

सच्चा प्यार वाले प्रेमीयाँ प्यार से लेकार जिन्दगी के हर मोड तक एक दूसरे के साथ रहते है । वे अपने जिंदगी भार साथ रहने कि वादा को पूरा करते है । उनमे प्यार जिन्दगी भार साथ दिखाई देता है, बिना किसी भेदभाव दोनो मे समान्ता, प्रेमपूर्वक, रहते है, एक दूसरे के भवनाओं को समझते है । सबसे खस जो सच्चा वाला प्यार मे होता है, प्रेमी किसी और व्यक्ति से झूट कह सकता है पर अपने प्रेमीका से झूट बोलने का मन ही नहीं करता है, सच्चा प्रेमीओं मे कुछ इस तरह कि कुछ मित्राण पाई जाती है । कहा जाता है हर इसांन को जिन्दगी मे एक बार सच्चा वाला प्यार होता है ।

 

4 न मिलने वाला प्यार

जिस्से चाह के भी जो प्रेमी या प्रेमीका अपने प्यार को बता नहीं पता और उस्से पाने कि दिल मे चाह हो उस्से न मिलने वाला प्यार कहा जाता है ।

न मिलने वाला प्यार एकतरफा प्यार से कफी मिलता जुलता है । जिस्से प्रेमी पूरे मन से चाहते हुये भी अपना नहीं बना पते । उदाहरण स्वारुप- इस जहाँ में ऐसे इंसान भी हैं जो कि फिल्म अभीनेता/अभीनेत्रीओं आदि के कफी दिवाने होते है । कोई तो उनसे प्यार भी करते है, उनके साथ रहने का सपना देखते है, वक्त बिताने के बारे मे सोचते है । यह जानते हुये भी कि उनके जींदगी मे वे कभी नहीं आयेंगे, लेकिन फिर भी उनमे प्यार बहुत ज्यादा दिखाई देता है । शायद जब उनकी ऊमर जा चुकी होती है, तब पता चलता है, उन्हे कि न मिलने वाला प्यार मे क्यों समय बर्बाद किया, जनते हुये भी कि कभी नहीं मिलेगा ।

 

5 दोस्ती वाला प्यार

जो प्रेमी अपने प्रेमीका को अपने मन कि बात बताता है, और प्रेमीका प्रेमी को दोस्त का दर्जा दे देती है, उसे दोस्ती वाला प्यार कहते है ।

कई ऐसे प्रेमी होते है, जो कि अपने प्रमीका के दोस्त बने हुये है, सोचे होते है कि, दोस्ती से शूरू करके कुछ दिन बाद प्यार मे बादल देंगे, पर दोस्ती दिन के साथ इतनी गहरी हो जाती है कि वे दोस्त ही बने रह जाते है । प्रेमिका को दिल कि बात बताने पर वह दोस्ती का दर्जा दे देती है, इसका यह कारण भी हो सकता है, कि वह लडकी उस लडके मे दोस्त के आलाव कुछ नहीं देखती हो, या फिर वह लडकी किसी ओर को अपने दिल मे बसा ली हो । इस वाजह से उनमे दोस्ती वाला प्यार बान के रह जाती है । इस प्यार मे दोस्त से ज्यादा एक दूसरे को ओर किसी प्रकार मे दर्जा नहीं दी जाती है, एक मे प्यार है दूसरे मे दोस्त वाला अहसास होता है ।

प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार
प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार

 

 

6 खुदका प्यार

जो व्यक्ति अपने आप से बहुत प्यार करता है, अपना खयाल रखता है वह दूसरे को प्यार देने कि वाजय अपने आप से, बहुत प्यार करता हो उस्से खुदका प्यार कहा जाता है ।

कहा जाता है कि दूसरों को प्यार देने से पहले अपने आप से प्यार करना सिखना चाहीये तब जा के किसी ओर को प्यार करना चाहीये । खुदका प्यार अपने आप से किया जाता है, इंसान अपना खयाल रखता है, साही स्वास्थ के लिये अच्छा खाना खाता आदी, यानी कि अपने लिये करता है । खुदसे प्यार करने वाले ठोकार खा के या तीन चार बार किसी के ईंकार के बाद खुद वाला प्यार उनमे जग जाती है और अपने आप से प्यार करने लग जाता है । लेकिन कईओं को तो खुद वाला प्यार बिना ठोकार खाये ही दिखाई देता है, जिसकी वाजह से अपने जिन्दगी मे बहुत खूश रहते है ।

 

7 सोचने वाला प्यार

यह प्यार उन प्रेमीओं मे दिखाई देता है, जो अलग अलग राह के भी एक दूसरे को सामने महसूस करते है ।

जिंदगी मे किसी को मजबुरान अपने किसी को छोड के जाना पडता है, अपने परीवार वालों को, अपने प्यार को । लेकिन प्रेमीयाँ एक दूसरे से बहुत दूर होते हुये, भी उनका प्यार बहुत मजबूत हो जाता है लेकिन किसी का प्यार टूट भी जाता है । जो प्यार सिर्फ मन के शहारे जीता हो, सोचने वाला प्यार मे आता है ।

 

8 धोखा वाला प्यार

जिन प्रेमिओं मे एकतरफा हो या दोनोतरफा अगर उन दोनो के प्रेम मे कल्पानिक्ता दिखाई दे, तो उस्से धोखा वाला प्यार कहा जाता है ।

अक्सर इस दुनिया मे आंजन मिलते है, और मिलके बिछाड जाते हैं, प्यार मे ज्यादातर कल्पानिक्ता होने के कारण और काम पूरा करने वाला प्यार के कारण । धोखा वाला प्यार, संबध वाला प्यार, से कफी मिलता जुलता है, जो ज्यादा दिन तक प्यार कि संबध टिक नहीं पाता  । कई तो प्यार से खेलवाड करने के लिये करते है ।

 

9 पप्पी वाला प्यार

बचपन को दोहरा जाती है ये प्यार, यादें खिंच ले आती है ये प्यार, इंसान मे यह प्यार तब होता जब  थोडी बहुत समझ आई होती है । बचपन मे हर किसी को नहीं होता, पर यह प्यार टिचर, तथा पडोसी वाली दिदि के साथ होता है, जो अच्छे लगते हैं उनके साथ भी होता है । जब इंसान कि समझ थोडा बहुत बाढ जाती है तो उस प्यार को भूलना पडता है । जब इंसान बाद मे उस प्यार के बारे सोच कर कहता है ये पप्पी वाला प्यार था ।

प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार
प्यार के प्रकार, जिंदगी मे हो सकते हैं 10 तरीके का प्यार

 

10 आंधा वाला प्यार

जिस प्रेमीओं मे न ही खूबशूरती दिखाई देती हो, न ही शरीरिक बनावट को देखा जाता हो, बस देखा जाता है तो प्यार, वैसे प्यार को आंधा वाला प्यार कहा जाता है । जो कि प्रेमीयाँ प्यार मे आंधा हो जाते हैं ।

इस दुनिया में ऐसे प्रमीयाँ है जो कि उनमे किसी प्रकार के मेलमिलावट न होते हुये भी किसी प्रकार कि भेदभाव नहीं होती । उनमे दिखाई देती है तो सिर्फ प्रेम भवना । इसीलिये आंधा वाला प्यार कहता हैं, जो प्यार के आलावा कुछ नहीं दिखता, वह प्यार मे आंधा हो जाता है ।

 

निष्कार्ष- ऊपरी लेखों से स्पाष्ट होता है कि प्यार वाला रिलेशनशिप कई भागों मे बिभाजीत है, अलग अलग प्यार अलग अलग तारीके से प्यार किया जाता है ।

This Post Has 7 Comments

Leave a Reply

Close Menu