प्यार क्या है, कैसे जानें आपको प्यार हो गया है, प्यार वो नही जो कह कर दिखाया जाये प्यार, वो है जो छुप कर निभाया जाये,  इस लेख मे प्यार को बिस्तार से बताया गया । जिसमे, प्यार क्या है, जब आपको किसी से प्यार हो जाता है तो कैसे जनेंगे, आपको किसी से प्यार हुआ है या नहीं ।

जाने प्यार को

प्यार दुनिया का एक अहसास जो किसी ओर मे नहीं मिलता । प्यार कि शुआत दिल के धड़कन से शुरू होती है, जो कि दिमाग तक पहूंच जाती है । जो दिमाग मे कुछ अछा होने का अहसास दलाता है और नकारात्मक सोच को दिमाग से हटा देता है, लेकिन, यह प्यार के प्रकार के ऊपर निर्भार करता है, प्यार तथा प्यार करने वाले किस तरह कि सबंध मे हैं । प्यार दो लोगों के भवनाओं तथा उनके बीच मे एक खुशियाँ ले आती है ।

एक मजबूत बंधन जोड देती, जिस्से तोडने से भी नहीं तोडा जा सकता, किसी के साथ जुडने तथा उनके साथ रहने का मन बना लेता है, अपना न होते हुये भी लगता है अपना है । इसीलिये इंसानो मे बिना वाजह उनमे मदत कि भवना जग जाती है । प्यार कि एक ही परीभाषा नहीं है, प्यार की अन्नेकों परीभाषायें है जो अलग अलग लोग अलग तारीके से परीभाषित करते है । दिवाने कहते हैं- न चोट लगती है, नहीं खून निकालता है, जख्म ऐसा मिल जाता है कि जिंन्दगी के खतम होने के बाद भी  राह जाता है और दिन मे खुले आँख सपना दिखा जाता है ।

प्यार क्या है | कैसे जानें आपको प्यार हो गया है ?
प्यार क्या है | कैसे जानें आपको प्यार हो गया है ?

किसी से प्यार क्यों कैसे हो जाता है पता ही नहीं चलता और प्यार न करना किसी के बस मे नहीं है, क्योंकि प्यार कभी भी हो जाता है । किसी से प्यार हो सकता है । प्यार से किसी के जिंदगी बादल जाती है, लेकिन अपने जींदगी को बादलना, और नहीं बादलना इंसान के ऊपर निर्भार करता है । हर इंसान को जींदगी मे प्यार जरुर होता है लेकिन अमतौर पर कहा जाये तो प्यार एक अहसास है, जो कि अपने चहात को महसूस कराता है । इस जहाँ के बनावट को देखा जाये तो जिस तरह इंसान पानी और वायु के बिना नहीं राह सकता, वैसे ही इंसान प्यार के बीना इस धारती पर नहीं राह सकता  । क्योंकि हर किसी को किसी न किसी से प्यार हो ही जाती है ।

जिसे चहता है उस्से याद नहीं करने, पर भी उसकी याद आती है, अपने आप को रोकना मुश्किल हो जाता है । पहली नाजर मे अकार्षण कर लेती है, उसकी यादों मे कुछ दिन तडपता है । जब याद ज्यादा सता लेती है तो उस्से मिल लेता है, वही मुलाकात मे किसी किसी का तो उसी समय  दो तरफा प्यार हो जाता है  । उसके बाद उन दोनो मे इजहार होती है, अगर दोनो तरफा प्यार हो जाती है तो, दोनो एक दूसरे का हो जाते हैं ।अगर प्यार सच्चा होती है तो, उनका जिना का एक मकसद बन जाता है, और साथ न छोडने वाला जिन्दगी भार साथ रहने वाला, जीवनसाथी का दर्जा मिल जाता है । अगर किसी के प्यार मे दरार आ जाती है तो वैसा प्यार अमतौर पर कल्पनिक होती है । प्यार एक ऐसा फल है जो कि पूरे साल फलता है,  और पूरे साल खाया भी जा सकता । प्यार को कोई भी हासील कर सकता है, बस इसांन को अपने आप पर विश्वास रखने कि अवश्यकता है ।

प्यार के रुप

अव्यक्तिक प्यार

यह प्यार लोगों के बीच में एक ऐसा प्यार जिनसे बहुत जुडा हुआ रहता तथा उसका सम्मान करता है । यह प्यार सिर्फ जीवित जीओं के साथ केवाल नहीं जिनसे इंसान को बहुत लगाव हो, जैसे अपना प्यार सा कार, मोटरसाईलकिल, यानी इंसान को उसके साथ निजी जुडाव महसुस कराता हो और खुदको जुडे रखता हो । ये प्यार इंसान का आमार का नजरीया दिखाता है, जिसमे सिर से पाँव तक उसे जुडा हुआ रहता है । यानी कि इंसान को अपने वस्तु चिजों से प्यार हो उस्से अव्यक्तिक प्यार कहा जाता है ।

 

पारस्परीक प्यार

केवल मनुष्य के बीच मे जो प्यार  पाया जाता है, पारस्परीक प्यार कहते हैं । जैसे इंसान किसी न को चाहता ही है, और उनमे से प्रेमी प्रेमीओं मे केवल नहीं ये प्यार परीवार के सभी सदस्यों, रिस्तेदार और दोस्तो के बिच मे प्यार पाया जाता है । और प्यार का शूरूआती दौर सबसे पहले उसके माता पिता से ही शुरू होता है ।  पारस्परीक प्यार दो मनुष्यों केवाल नहीं अन्नेकों लोगों के साथ गहरा प्यार तथा निकाटता पाई जाती है । साथ मे गाँव, सामाज के लोगो, सास्कृती,शादी,पडोसी और गाँव के आस पास के रितीरीवाजों पर कफी भवूक रहते है । सिध्दी रुप से यह प्यार आपसी मदत या समाज समूह समझैते का आधार होता है । जो कि इस प्यार के सहारे इंसान को अन्नेको लोगो से एक जुट करती है, प्यार एक दूसरे कि मदत की भवना जगाता है ।

अगर आप को किसी से प्यार हुआ है तो कैसे जानें ?

प्यार क्या है | कैसे जानें आपको प्यार हो गया है ?
प्यार क्या है | कैसे जानें आपको प्यार हो गया है ?

इंसान उस्सी चिज के बारें मे सोचता है जिस्से उसे पूरे दिल से चहता हो । अगर किसी को पाने कि दिल मे चाहत हो तो शायद आप को उस शख्स से प्यार हो गया । दिन कब, रात कब, हो जाती, सब कुछ भूला जाती, कब दिन कब रात होता है पता ही नहीं चलता । उसकी फिकर होती जनने कि उत्सुकता रहती है कि वह कहां है किस हल मे है । जब उसकी एक झलक देखने को मिलती है तो उसमे ही बहुत सारे खुशियाँ मिल जाती है । कुछ भी करे अगर वो आप के साथ नहीं होती तो, उसकी कमी महसूस होती है, लगने लगता है काश कि वो साथ होती ।

खुशियाँ उसके साथ बाँटने का मन करता है, अपने सारे जिन्दगी उसके साथ बिताने का मन करता है । बातों के सहारे उसकी दिल जितने का कोशिस करते है, किसी भी समय उसको अपने तरफ अकर्षित करने कि कोशिस करते, और उसके लिये दिल मे ऐसे नाशा चाढ गया कि शरब के नाशे से ज्यादा लग रहा है तो आप को उसे प्यार हो गया है ।

प्यार जिन्दगी मे अन्नेको प्रकार के रिलशनशिप से जोडती है, और अपने जींदगी मे इंसान को अन्नेको प्रकार कि प्यार होता है । जिन्दगीं मे प्यार कि बहुत बडीं भुमिका होती है, इसीलिये न चाहते हुय़े भी जिंदगीं मे प्यार हो ही जाता है ।

निष्कार्ष- ऊपरी भाषीत लेखों के व्दारा बताया गया है कि प्यार अच्छाई के साथ बुराई को लाती है । प्यार न करना किसी के बस में नहीं क्योकिं प्यार कहीं भी, किसी भी समय, किसी के साथ और किसी भी उम्र मे हो जाता है क्योंकि प्यार कि कोई उम्र नहीं होती है ।

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