स्माईल अपने आप में कला हैं, लेख आधारीत है अपने आप पर खूश रहने वाले लोगो पर, जो कि अकेले भी हाँसा करते है, अकेले भी बहुत खूश रहते हैं ।

आप हाँसते रहने वाले लोगों को देखे हैं, जो अकेले मे भी हाँसा करते हैं, या फिर शायद आप उन्ही लोगों मे से आप होंगे । चालीये आज उनके जूबानी आवाज सूनते कि वे अकेले में भी क्यों इतना खूश रहते हैं ? कैसे उन्हे अकेले भी खूशी मिलती है ?

स्माईल अपने आप में कला हैं
स्माईल अपने आप में कला हैं

मैं अकेले भी बहुत ज्यादा हँसता हूँ, जब कोई पूछता मै उन्हे जवाब ही नहीं दे पाता कि आखिर मैं क्यों हँसा  । कभी-कभी तो भिड-भडाका लोगों के बीच मे भी हँसने लगता हूँ, मेरी हाँसने को लोग शर्माता है कहते है । ये मै भूल जाता हूँ कि लोग क्या कहेंगे ? पर मैं हँसता हूँ तो आस-पास के लोगों के चेहरे पे एक स्माईल आ जाती है, चाहे वो मुझे देख कर हाँस रहे हो या मुझ पर हाँस रहे हों लेकिन स्माईल आ ही जाती है । जब उनके चेहरे पे स्माईल आती तो मुझे उनके स्माईल को देख बहुत आच्छा लगता है । मन मे सोचता हूँ स्माईल भी एक तरह कि कला है, स्माईल करते लोगों को देख आनंद मिलता है, लेकिन जलने वाले लोगों को जलन होती है । मनते तो हम यहीं है कि स्माईल हमारे लिये बनाने वाले का देन है, वरना हर समय स्माईल करना हर किसी के बस  कि बात नहीं ।

 मै सामने वाले को देख जैसे लगता है वह अपना है, उन्हे न जनते हुये भी लगता है नहीं समझता हूँ वह सपना है । मेरे मन मे एक नरम सी चिज जो मेरे मन को उनके तरफ खिंची चाली जाती है । बार-बार मुझे वही चिज को जो मन मे कब से पाने कि सोची है, उनके तरफ ही खिंची चाली जाती है । वही जो मुझे मजबूर करती है, कि मैं हाँसू, कभी भी कहीं भी । कभी-कभी तो मे वैसे जगाहों पर मेरे चेहरे पे स्माईल आ जाती है कि, मेरे स्माईल कि वाजह लोग अपने ऊपर लेने लगतें हैं, या फिर उनके ऊपर हाँस रहा हूं यह लगता है उन्हे । मुझे आस पास के लोग बहुत पसंद करते है, शायद इसी वाजह से लेकिन कुछ तो मुझसे जलते भी हैं । स्माईल एक वर्दान है, और स्माईल जिंदगी कि खुसी है, जिसके वाजह बहुत जल्द दोस्त बन जाते है ।

स्माईल अपने आप में कला हैं
स्माईल अपने आप में कला हैं

हर किसी को एक जैसा वर्दान नहीं मिलता, अगर बनाने वाले हर किसी को एक जैसे वर्दान देते तो इस धरती पर एक ही इंसान को बनाते जिसके पास अन्नेको वर्दान से भरपूर होता । स्माईल हमारी एक कला है, इसे दबा के मत रखो कहने वाले लोग कुछ भी कहेंगे, हमे जो मिला है उस्से लोगो को दिखाने कि अवश्यक्ता है । बस करना है थोडा सा अपने आप पर विस्वास कि जो मिला है उस्से लोगों को दिखाना चाहिये कि, नहीं  । मैं अपना नाम तो नहीं बताना चहता पर ये मेरा मन्ना है कि स्माईल एक कला है  । मेरा केवल मन्ना नहीं है हम सब कोई इसी तरह ही सोचते हैं जन्ने के लिये बहुत सारे स्माईल करने वाले या ज्यादा तार हँसते रहने वाले लोगों को जमा किये तो पाया गया कि 80 फिसदी लडकों मे इसी तरह कि सोच या बातें पाया गया । हम शुक्रिया करना चहेंगे sideromeo.com को जो हमारी अंदर कि बात को आप तक पहुंचाने के लिये । अगर आप भी हमारे जैसे हैं तो हमें बतायें तकि हम 80 से 100 फिसदी तक पहुंच जायें ।

 कई लोगों का मन्ना है कि ज्यादातार हँसने वाले शार्मिले होते है और उनके कोई गर्लफ्रैंड नहीं बन पाते । ये साही है पर कुछ हद तक क्या पता आप को वो लडकी नहीं मिली हो जिसकी आप कई दिनों से तलश रहे है जैसे आप को चाहिये । लेकिन ये बातें कुछ समझ नहीं पाते हैं, और अपने जिंदगी मे गर्लफ्रैंड की कमी कि वजाह से वे अपने जिंदगी मे माजे नहीं लेते है । गर्लफ्रैंड आप के जिन्दगी मे नहीं है तो क्या हुआ, आप की जिंदगी तो अपने साथ है, हम सब कि अपनी अपनी जिंदगी है आप को जो आच्छा लगे वाही कर सकते हैं ।

उनके बताने के बाद हमे अब याकिन हो गया कि जो छोटी सी बात पर बहुत ज्यादा हँसता है, वह आंदर से बहुत अकेला होता है, उनके दिल अपने साथी को तलशती है, जो उनसे बहुत पारे हैं । फिर भी उनके चेहरे मे हमेशा एक स्माईल बनी रहती है, और हम जो हैं कि अपनी गर्लफ्रैंड से सात से आठ घंटा रोज बाते करते हैं या फिर उनके साथ दिन बिताते है तो भी कुछ ही देर के लिये जो हमारी चेहरे स्माईल रहती है ।

अगर आप ज्यादा हाँसने वाले लोगों मे से है जो इस लेख को पढे तो हमे बतायें कि उनके कथन साही है या फिर आप को लग रहा है कि वे वैसे ही फैंक रहे है, अपनी राय जरूर दे ।

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