Love story films:- हर किसी को एक जैसा पंसद नहीं आते है लेकिन जब मैं इन फिल्मों को देखा तो कफी दिवाना हो गया । आच्छे कहानी के साथ Dialogue कफी आच्छे हैं जो कि कफी हद तक दिल मे जगा बना लेता है, जैसे लगता फिल्म में नहीं बल्कि एक अस्ली जिंदगी मे हो रहा है । हलाँकी प्यार आस्ली जिंदगी से फिल्म के दूनिया में बहुत अलग होता है और कभी भी फिल्म के दूनिया के जैसे आस्ली जिन्दगी मे हो नहीं पता है और कभी होगा भी नहीं । लेकिन एक कहानी के साथ प्यार को फिल्म के सहारे जनने इच्छा रखते है तो आपको इन फिल्मो को देखना चाहीये । 

Kya kehna

यह एक परीवारिक कहानी है जो कि गुलशन बख्शी के परीवार को दर्शाता है । कहनी आच्छा जो कि एक गलत कदम उठाने के बाद उसके परीवार और लडकी के बीच मे जो दिन बित्त है वही आपको देखने को मिलेगा । इस फिल्म के देखने के बाद आपको पता चाल जायेगा की परीवार के सदस्य कितनी किमती होते है, परीवार के एक एक सदस्यों के लिए ।

Storyline

गुलशन बख्शी के घर मे अपने बेटी प्रिया की इंतजार होती है उस खुशी मे प्रिया के पिता गुलशन, केक घर लिये होते है । लेकिन तब गुलशान के पत्नी और उनके तीन बच्चे बताते है कि प्रिया आज नहीं पाँच तारीख को आयेगी । प्रिया से अपने परीवार वाले बहुत प्यार करते है साथ ही प्रिया का सबसे आच्छा दोस्त अजय भी उसे बहुत चहता है दोस्ती कि नाजरीया से नहीं बल्कि प्यार कि नाजरीया से । स्टेशन मे प्रिया कि इंजतजार होती है लेकिन पता चलता है कि ट्रेन आठ घंटे लेट है ।

फिर भी प्रिया लिफ्ट मांग मांग के स्टेशन पहुचंती है जहाँ पर उसके पिता और अजय इंतजार कर रहे होते हैं । प्रिया कोलेज मे अपने पहली वर्ष मे प्रवेश करती है । जो कि उसकी मुलाकात राहुल से होता है और प्रिया के परीवार वालों को पता होता है कि राहुल एक गिरा हुआ इंसान है जो कि प्यार को खेल समझता है । प्रिया के भाई विक्की ने रहुल को प्रिया से दूर रहने को कहता है लेकिन राहुल को प्रिया के खूवशूरती अकर्षित कर देता है ।

दोनों मे प्यार हो जाता है, जब प्रिया के परीवार वालों को मालुम होता है कि प्रिया और राहुल के बीच मे हो रहा है तो प्रिया के परीवार वाले प्रिया को राहुल से मिलने के लिए माना कर देते हैं । लेकिन प्रिया के प्यार के जिद के सामने परीवार वाले टिक नहीं पाते है और बात शादी तक पहुंच जाती है । लेकिन राहुल यह काह के शादी के लिए माना कर देता है कि उसके लिए प्यार एक खेल है वहीं प्रिया को छोड के चला जाता है । और शादी नहीं हो पाता है, लेकिन प्रिया राहुल को भूल नहीं पाती है । प्रिया के भाई विक्की के शादी मे नाचते हुये बेहोस हो जाती है तो पता चलता है कि प्रिया माँ बनने वाली है ।

प्रिया के पिता और उसके भाई शादी कि बात करने के लिए दोबारा राहुल के पास जाते है लेकिन राहुल फिर भी माना कर देता है । प्रिया को बच्चे गिरा देने को कहे लेकिन प्रिया बच्चे को रखने को चुनती है । उसके यह फैसले से उसके पिता प्रिया को घर से निकाल देता है, अकेले । निकालते ही कुछ दूर पर कुछ गुण्डे प्रिया का पिछा करते है । क्या प्रिया से राहुल शादी करेगा ? क्या प्रिया को सहारा देने वाला कोई अयेगा ? क्या प्रिया गुण्डो से बच पायेगी ? इन्ही सारे सवालों का जवाब आपको फिल्म देखने के बाद आपको मिल जायेगा ।

Rahna hai tere  dil me

कफी हद तक भी जब मैं इस फिल्म के एक गाना को सूनता हूँ तो दिमाग मे इस फिल्म की पूरी कहानी छप जाती है । इस फिल्म में जब भी “कैसे मैं कहूँ, रहना हैं तेरे दिल में रिंगटोन बजता है” तो फिल्म को ओर ज्यादा रोमंटिक बना देता है । थोडा शुरूआती दौर मे समझ मे नहीं आता है कि हो क्या रहा है लेकिन जब मैडी रीना को देखता है उसके बाद हर एक Dialogue आच्छा लगता है ।

Storyline

रजीव श्यामराव ( सैम ) को कोलेज में, कोलेज कि आधी लडकीयाँ दोस्ती होती हैं । दूसरी तरफ मधाव शास्त्री ( मैडी )  कोलेज मे किसी भी लडकी इज्जात नहीं करता है, वह किसी को देखता तक नहीं । अक्सर मैडी और सैम के बीच मे लढाई होते रहती है । एक दिन वैसे ही कुछ ज्यादा ही लढाई हो जाती है लेकिन उस दिन उन दोनों का लढाई अधूरी हो जाती है । कोलेज से निकालने से पहले सैम मैडी से काहे रहते है कि जींदगी मे दोबारा मिलेगा तो अधूरी लढाई को पूरा करेगा । सैम कोलेज के बाद अमेरिका चला जाता है ।

कुछ साल बाद पहली नाजर मे मैडी को किसी लडकी से प्यार हो जाता, लेकिन बदनाशिब कि वह उस लडकी का आता पता कुछ नहीं कर पता है । वैसे ही मैडी को एक शादी मे वह लडकी दोबारा से दिखाई देती है उस दिन मैडी उस लडकी का नाम पता कर लेता है, रीना मल्होत्र दिल्ली वाली । लेकिन वास्तव मे रीना मुम्बाई मे ही रहती है, पागल मैडी उसे बात करने के लिए तडपता है । रीना के दोस्त से झूट काह के रीना का नम्बर ले लेता है । मैडी को पता चलता है कि रीना कि शादी पहले से अमेरिकी रजीव से शादी होने वाली है ।

लेकिन रीना रजीव को नहीं देखी होती है, वह बचपन मे केवाल देखी होती । इसी का फयदा उठाते हुये रजीव के नाम से रीना से मिलता है और पाँच दिन के अंदर रिना को अपने प्यार मे पागल कर देता है । लेकिन उसके अगले दिन ही राजीव अमेरिका से मुम्बाई पहुंच जाता है । रजीव के आने के बाद रीना को पता चलता है कि उसके साथ धोखा हुआ है । क्या मैडी रीना को अपना पायेगा ? क्या रजीव से ही रीना शादी करेगी ? क्या मैडी रीना के वगैर राह पायेगा ? क्या सैम अपनी अधूरी लढाई को पूरा करने लौटेगा ? क्या मैडी रीना और रजीव के बीच से हट जायेगा ? सारे सवालों का जवाब फिल्म को देखने के बाद मिल जायेगा ।

 Karz: the burden of truth

प्यार हर किसी देने कि अवश्यक्ता है क्योंकि प्यार न मिलने कि वाजह से दिल के टूटने से कोई नहीं रोक सकता है । फिल्म कफी आच्छा है जो कि सूरज को अपने माँ की प्यार नहीं मिलने के बाद भी वह अपने आपको संभाले रखता है । साथ ही उसे अपना प्यार को भी अपने भाई को देता है, हर स्थिती मे सूरज अपने माँ के प्यार पाने के लिए तडपता है ।

Storyline

सूरज को बचपन से अपने माँ का प्यार नहीं मिलता है, उसकी माँ सूरज बडे उध्योगपति के यहाँ छोड के दूसरे शहर चाली जाती है । सूरज उसकी माँ कि इंतजार मे तडपते रहता है । कुछ दिन के पश्चात सपना उसके घर मे आती है और उसी शहर मे कोलेज जाती है । सपना का पिछा करते हुये राजा भी उसी शहर मे पहुंच जाता है, इसी बीच मे सूरज की मुलाकात राजा से होती है उनमे दोस्ती हो जाती है । राजा उस लडकी के बारें मे सूरज को बताता है लेकिन सूरज को पता नहीं होता है कि राजा सपना को ढूंड रहा है ।

इधार सूरज की कदम प्यार के डोर सपना की ओर खिंची चाला जा रहा होता है । लेकिन अपने दिल की बात बता नहीं पता है, सपना के नाम से कई शायरीयाँ और लेटर भी लिखा होता है लेकिन सपना को दे नहीं पता है । कुछ दिन के पश्चात सूरज को पता चलता है राजा सपना से कोलेज मे बातें करने कि कोशिस करता है । सूरज को गुस्सा आता है और राजा के उपर धूवाधाड हाथ उठाता है । इसी बीच सूरज को पता चलता है कि राजा उसका भाई है । सूरज अपनी प्यार की डोरी को रोक देता है और राजा के तरफ खिंच देता है । लेकिन इस बीच राजा की माँ शहर आ जाती है ।

राजा की माँ आने के बाद राजा को पता चलता है कि सूरज उसका बडा भाई है । राजा को पता चलने के बाद राजा अपनी प्यार की डोरी सूरज की ओर दिशा कर देता है । क्यों सूरज को उसकी माँ प्यार नहीं करती है ? क्यों राजा अपना प्यार सूरज को देना चहता है ? क्या कारण होता है जो की सूरज की माँ को शहर छोडके जाना पडता है ? किसका होगी सपना सूरज या राजा ? इन्ही सारे सवालों का जवाब के लिए आपको फिल्म देखना पडेगा ।

Andaaz

सपना कईयोँ का अलग अलग होता है लेकिन सपने कुछ ही लोगों का पूरा हो पता है । लेकिन अगर सपना किसी लडकी की पूरा करना हो तो लडके पिछे नहीं हटते और जितना भी मुशिबातें हो, उस लडकी का सपना पूरा करने के लिए निकाल जातें है  । लेकिन अगर उस लडकी का सपना पूरा करने के बाद पता चाले कि वह किसी ओर की हो गई तो आप क्या करेंगे ? किसी का सपना पूरा करके उसे पाने का चाह दिल मे रखना अवश्यक है लेकिन बताना जरूरी है कि उसका सपना पूरा करने आप उनका मदद कर रहे हैं ।

Storyline

छोटी सी ऊमर से ही काजल को हवाई जहाज और हेलिकोप्टर मे बैठने का सपना होता है । तभी उनके देहरादून मे पडोसी आते हैं, जिनमे उसके उम्र का लडका राज शामिल होता है । राज के एक दुर्घटना के बाद उसका पैर फ्रैक्चर हुये होता है जिसके कारण वह ठिक से चाल नहीं पता है । लेकिन राज सिर्फ चलने का उम्मिद को खो चुका होता है और काजल को उम्मिद रहता है कि राज दोबारा से चालेगा । काजल राज को प्रत्साहित करता है उसके बाद राज पहले कि तरह ही चालने लगता है ।

राज अपना चाल पाने कि वाजह, काजल को बताता है और अपने कोलेज मे जिते ट्रोफी का तक, काजल को दे देता है । उनमे दोस्ती बहुत गाहरी होती है, लेकिन दोस्ती से भी ज्यादा राज के दिल मे कुछ बाढकर होता है वह काजल को मन ही मन चहता है । वह उसे चहता है, काजल को युवा मे ही बता दिया होता है लेकिन काजल यह काह के माना कर देती है कि वह पैलेट नहीं है । काजल का सपना और काजल को पाने के लिए भारतिये वायु सेना मे भर्ती हो जाता है और उसे डेढ साल तक प्रशिक्षण दिया जाता है । डेढ साल बाद देहरादून पहुंचता है तो काजल के पास अपने प्यार का इजहार करने के लिए, पहुंच जाता है ।

उसी समय राज को काजल के द्वारा पाता चलता है कि काजल किसी अरबपति करण सिंघानिया को अपना दिल दे चुकी है, जो कई हवाई जहाज और हेलीकोप्टरों का मालीका है । काजल के बात सूनके राज अपने दिल का रज को दिल मे दबा लेता है, उसे काजल तक नहीं पहुंचने देता है । कुछ दिन मे करण और काजल की शादी जाती है और राज अधीक प्रशिक्षण के लिए यूरोप जाता है । वहाँ भव्य के साथ राज का मुलाकात जिया से होता है, जो की करण सिंघानिया की बहन होती है  । क्या जीया और राज के बीच मे प्यार होता है? क्या राज काजल को भूला पाता है? क्या राज और जिया के बीच मे कुछ होता है ? सारे सवालों का जवाब आपको फिल्म के देखने के बाद पता चाल जायेगा ।

Tum ko na bhul payenge

कहा जाता है कि दोस्ती और प्यार से बाढकर एक लडके के लिए कुछ नहीं होता है । लेकिन दोस्ती, प्यार से  बढकार भी ओर बहुत कुछ होता है जो कि जिंदगी मे मयने रखता है । वह है पैसा जो की हर कोई उसके पिछे भागे चाले जा रहे है, भगना जरूरी है क्योंकि आच्छे जिंदगी के लिए पैसा बहुत जरूरी होता है । कहानी प्यार और पैसे के बीच मे है ।

Storyline

अली और उसका बचपन का दोस्त इंदर सक्सेना मार्क-मैन निशानेबाज होते हैं, जो अपने लक्ष्य को कभी नहीं चूकते । वे मुंबई के लोगों के बीच कफी लोक प्रीय होते है, अली का छोटा भाई भी होता है आजन उर्फ मुन्ना । निशानेबाद मे हर साल अली पहले आता और इंदर दूसरा । एक दिन एम. के. शर्मा 25000 रू. की फीस के साथ अंडरवर्ल्ड डोनों को शूट करके खतम करने काम शौंप गया । लेकिन वे माना कर दिय़े, फिर उसके परिचित रहिम चाचा का गोली मार कर हत्या के बाद वे अपना मन को बादल लिए और गुंडो का सफाया करते गये ।

एक दिन उन्हे मुख्यमंत्री को नाकली हत्या करने का काम शौंपा गया, लेकिन मंत्री को छती मे गोली चलाने की वाजय, सिर पर लग जाता है । उसी वक्त मंत्री की मौत हो जाती है, पुलिस अली का पिछा करते है और ट्रेन में चाढ जाता है । ट्रेन मे इंदर अली को गोली मारकर ट्रेन से फेंक देता है । लेकिन किस्मात से वह नदीं मे गिरता है और राजगढ के कुनाल ठाकुर को अली मिलता है । लेकिन जब अली होश मे आता है तो वह अपना अतीत को भूल चुका होता है, उसे कुछ भी याद नहीं रहता है । क्या अली को अपना अतीत याद अयेगा ? क्या अली को किसी से प्यार था ? क्या हुआ जो कि इंदर को अली का हत्या करने के लिए मजबूर किया ? क्या उसकी वाजह कोई लडकी है या पैसा ?  सारे सवालों का जवाब फिल्म को देखने के बाद आपको मिल जायेगा ।

पहले कि ज्यादातर फिल्मे कहानी पर ज्यादा आधारित होती थी और आच्छे कहानी साथ आच्छे Dialogue प्रदार्शित करता है तो फिल्म और भी ज्यादा आच्छा लगता है । हां धिमा जरूर है लेकिन अगर आच्छे कहानी देखना पसंद करते है तो आपको जरूर देखना चाहिए । सारे फिल्म Internet पर मौजूद है आप देख सकते हैं । जिन्दगी बितने से पहल जरूर देखियेगा, माजा आ जायेगा ।

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