Love story Hindi movies:-उस समय की फिल्में जो Release हुये सालों बित चुके हैं, देखने पर नहीं लगता है वह फिल्में पुरानी है । हाँ शुरूआती दौर में में थोडी बोर करती है लेकिन जब स्पिड पकाड लेता है तो फिल्म की ओर ही खिंची चाली जाती है । मुझे लगता है कि इंसान को ये पाँच फिल्मे जिंदगी मे जरूर देखना चाहिये । क्योंकि कहानी बहुत आच्छी है, जो कफी हद तक दिल में जगाह बना लेती है ।

Kaho na pyaar hai

कभी कभार लगता है कि जिंदगी मे एक प्यार खो देने के बाद दूसरी प्यार मिलना मुश्किल हो जाता है । लेकिन यह फिल्म इस मुश्किल को नाकर देती है, क्योंकि सोनिया अपना प्यार को खो देने के बाद वह अपने जिंदगी से हर चुकी होती । उसके दिल मे रोहित के अलावा किसी ओर से प्यार करने कि उम्मिद खो चुकी होती है । लेकिन शायद कुदरात ने सोनिया के लिए पहले से ही रोहित के जैसे दिखने वाला तैयार करके रखा होता है । जो हुबाहू रोहित के जैसे ही दिखाई देता है ।

Storyline

एक गरीब गायक, रोहित जो बडा गायक बनने के सपना देखता है । समुद्र किनारे पर्टी रहता है वहाँ आमिर घर कि बेटी सोनिया से मिलाकत होती है । लेकिन दोनों प्यार मे पाड जाते है, वे क्रूज जहाज के पार्टी से अलग हो जाते हैं । एक आंजन व्दिप पर पहूच जातें है, जब तक उन्हे ढूंडै नहीं जाता है, वे कुछ दिनों तक खूशि से रहते हैं । सोनिया रोहित का नाम बडा बनाने के लिए मदद करती है, ताकि रोहित के साथ शादी कर सकें । लेकिन सोनिया का सपना पूरा होने से पहले रोहित असमामयिक मृत्यु मे मिलता है । रोहित के मृत्यु से बहुत बडा धक्का लगता है और रोहित के साथ बिताये दिन को भूलाने मे बहुत परेशान हो होती है ।

सोनिया के पिता को अपनी बेटी कि दु:खीपन देखा नहीं जाता है इसीलिए सोनिया को उसके चचेरे भाईयों के साथ रहने के लिए न्यूजीलैंड भेज देता है । न्यूजिलैंड मे उसकी मुलाकात राज चोपडा से होती है, जो कि हुबाहू रोहित के जैसी ही दिखाई देता है । क्या वह रोहित ही होता है ? अगर रोहित ही है, तो न्यूजीलैंड मे क्यों ? क्या रोहित के मूँ से दोबारा सोनिया कहो न प्यार है सून पायेगी ? इन्ही सारे सवालों का जवाब के लिए आपको फिल्म देखना पडेगा ।

Gaddar: Ek prem katha

शायद आप बिते जिंदगी मे एक ऐसा गाना सुने होगे जो सोचने मजबूर कर देती है कि आखिर गाना कौन सी फिल्म कि है । शायद आपने कभी तो सुना ही होगा “मैं निकला गड्डी ले के” क्योंकि यह गाना इस फिल्म में ही है जो कि आपके पुराने दिनों को याद दिला सकती है । कहानी बहुच आच्छा क्योंकि प्यार कितनी किमती होती है एक प्यार करने वाले के लिए और एक आशिक कितना लोगों से भिड सकता है, आपको इस फिल्म के दिखने के बाद पता चाल जायेगा ।

Storyline

शहर में दंगे होते जिसमे मुसालमनों को भारत छोड के पकिस्तान जाना पडता है । इसी बीच पागलों कि तरह सकिना को तारा आश्रय देती है और वह आश्रय प्यार मे तकदिल हो जाता है । साकिना के पिता उसी भीड मे खो जाते है । दिन बित्ता गया, उनका एक बेटा भी होता, खुशहाल परीवार बनाय के जी रहे होते है । अमृतसर मे पूरा शांत हो चुका होता है । लेकिन साकिना अपने पिता को भूल नहीं पाती है, वह उसका तस्विर को देख जिंदा रहती है । कुछ दिन के पश्चात उसे समाचार के द्वारा पता चलता है कि उसके पिता जिंदा है । इस समय लाहौर में है, साकिना अपने पिता से सम्पर्क करती है । बात करते करते वे साकिना को बुला लेते है, साकिना को अपने पिता से मिलने कि चाह से वह पकिस्तान चाली जाती है । साकिना तारा और उसके बच्चे को छोड कुछ दिन के लिए गई होती है ।

पकिस्तान पहुंचन के बाद साकिना कि शादी किसी ओर से करने कि तैयारी करते है । जब साकिना नहीं लौटती है तो तारा अपने बच्चे को लेकार पकिस्तान पहुंच जाता है । साकिना के पिता तारा को नल का पाँप तक उखाडने के लिए मजबूर कर देता है, । क्या तारा साकिना को वापस ला पयेगा ? क्या तारा के बच्चे को उसका माँ मिलेगी ?  क्या साकिना के पिता से लाढ पयेगा ? इन्ही सारे सवालों का जवाब के लिए, आपको फिल्म देखना पडेगा ।

Om shanti om

अगर आप किसी से प्यार करते है और आपका प्यार एक जन्म मे अधूरी हो जाये तो दूसरी जन्म के खयाल में रहते है तो आपको बतायेगी कि पहले जन्म के यादें कैसे आती है । कहानी लाईन बहुत आच्छी जो एक बार मरने के बाद पुनर्जन्म को आपके सामने दिखाता है और बताता है कि पुनर्जन्म के बाद भी बदला लिया जा सकता है ।

Storyline

ओम प्रकाश 1970 की हिन्दी फिल्म के जूनियर कलाकार होते हैं । ओम शांति को अग्नी से बचाता है, जो की आग के चपेट मे आने से शांति बच जाती है । उस दिन के बाद शान्ति और ओम प्रकाश के बीच मे दोस्ती हो जाता है और ओम को शांति से प्यार हो जाता है । लेकिन कुछ दिन पश्चात ओम को पता चलता है कि शांति कि शादी फिल्म निर्माता मुकेश मेहरा से हुई है और उनके बच्चे होने कि उम्मिद है । मुकेश को अपना करीयार डूबते हुये दिखाई देता है, एक स्टूडिओ मे शांति को झाँसे से बुलाकार स्टूडिओ के साथ शांति को भी जला देता है ।  उस वक्त ओंम वही होता है, शांति को बचाने के प्रयास में शांति के साथ ओम भी मारा जाता है ।

30 साल बाद एक बोलीवुड अभिनेता, राजेश कपूर के इकलौते बेटे के रूप में पुनर्जन्म लेता है । साथ मे वह एक अभीनेता होता है, जैसे दिन बित्ता है वैसे उसकी पिछले जन्म कि यादें वापस आने लगती है । वह अपने पिछले जन्म के माँ से भी मिलता है उसके दोस्त से भी मिलता है । वे साथ मिलके ओम शांति ओम का फिल्म बनाते है । क्या ओम अपने शांति से मिल पायेगा ? क्या ओम शांति ओम फिल्म बना पयेगा ? क्या उस समय तक मुकेश मेहरा जिंदा होता है ? इन्ही सारे सवालों का जवाब के लिए आपको फिल्म देखना पडेगा ।

Diljale 

अगर आप सोचते हैं कि प्यार ही सबकुछ हैं तो आप गलत हैं, प्यार के आलावा भी ओर कुछ जिंदगी मे मयने मे रखते है । प्यार, परीवार, कोलेज के जिंदगी जो कि एक ही पल मे सब कुछ तबाह कर देती है, एक कठोर जिंदगी मे धकेल देता है । जो कि मजबूर कर देती है तबाही करने में ।

Storyline

कैप्टेन रणवीर को शाका के साथ उसके साथीओं को पकाडने का काम शौंपा जाता है । कश्मिर के क्षेत्र में जाने के बाद रणवीर को एक लडकी दिखाई देता है, लेकिन उस लडकी नाम नहीं पता कर पता । जिसके कारण उस लडकी नाम से एक गाना गता है, “सोच रहा हूँ मैं उस लडकी का नाम”  जैसे ही गाना सपाप्त करता है वैसा ही रणवीर के सामने वह लडकी प्रकाट हो जाती है । वह कश्मिर क्षेत्र के राजा शाहब की बेटी राधीका होती है ।

राजा शाहब कैप्टेन रणविर और राधीका के शादी करने का व्यावस्था करते है, लेकिन उन दोनो के सगाई के रात को रणवीर को पता चलता है कि शाका और उसके दोस्त कुछ कि. मी. दूर गाँव पर तबाही करने मे लागे हुये है । कैप्टेन अपना सगाई को छोड के शाका को पकाडने के लिए निकाल जाता है । उनके निकालने के बाद शाका सगाई स्थान पहुंचता है और सगाई के मंडाप को तबाह करके चला जाता है । जाने से पहले शाका यह काह जाता है, “आग जो दिल मे लागी है, उसे पूरी दुनिया मे लगा दूंगा मैं, जो तेरी डोली उठी तो जमाने को जला दूंगा मैं” ।

 इसे रणविर को पता चलता है कि राधीका के शादी को रोकने के लिए शाका किसी भी हाल मे पिछे नहीं हटेगा और उस दिन से रणवीर कसम खाता है कि वह शाका को पकाडेगा तभी वह शादी करेगा । उस बीच मे कैप्टन रणवीर शाका के चार साथीओं को पकाड लेता है, उनके रिहा करने के लिए शाका वैष्णोदेवी भक्तों के बस को अपहरण कर लेता है । उसमे राधीका और उसके बुआ शामिल होते है । क्या कैप्टेन रणवीर राधीका को अतंकवादीओं से छुडा पायेगा ? क्या कैप्टेन रणवीर का शादी राधीका से होगा ? यह राधीका शाका के ही हो जायेगी ? अगर आप नहीं देंखे है तो इन्ही सवालों का जवाब फिल्म देखने के बाद पता चाल जायेगा ।

Lakeer

अगर आपके मन मे यह खयाल आता होगा कि भाईया का साथ हो तो आप किसी के सामन झूक नहीं सकते ।  यह कहना गलत नहीं है, क्योंकि ज्यादा प्यार किसी को भी नहीं देना चाहिये बल्कि कभी कभार डांटने के भी जरूरात करना चाहिये ।

Storyline

अर्जुन राणा को सभी कि ओर से बहुत सम्मान मिलता है और भी जो उनका सम्मान करते हैं । उनका बहुत आच्छा से सम्मान करता है । अर्जुन राणा के नाम से पूरे आस पास के लोग खौंपते हैं । अर्जुन राणा का दत्तक छोटा भाई करण, अर्जुण का लड प्यार  बहुत मिलता है । अर्जुन का शाक्तिशाली पहचान का फयदा उठाते हुए, पूरे कोलेज को दबा के रखता है । दूसरी ओर संजू एक खुशनुमा मोटर मैकेनिक होता है, जो अपने एरिया के लोग यानी सभी से प्यार करता है । वह अर्जुन को पहचानता है और संजू अर्जुन का बहुत इज्जात करता है । संजू का सपना होता है कि वह अर्जुन के जैसा बनें  ।

संजू का एक छोटा भाई साहिल भी होता है जो कि कोलेज मे पढता है और उसी कोलेज मे करण और अर्जुन कि बहान बिंदिया भी पढतें है । दिनों के बितने के साथ साहिल को बिंदिया से प्यार हो जाता है, लेकिन यह करण के पेट मे हाजम नहीं होता है । क्योंकि करण भी बिंदिया को चाह रहा होता है, इसी बिच करण के दोस्त रोनी साहील को कोलेज मे बेइज्जात कर देता है । साहिल बेइज्जात को साह नहीं पता है और घर में खुदको घायल कर बेहोस कर देता है । यह सब देख संजू को बहुत गुस्सा आता है और रोनी को पिटने के कोलेज चाला जाता है । लेकिन गलती से रोनी को पिटने कि वाजय करण को पिट के लौट जाता है । अर्जुन राणा उसके भाई कि पिटाई साह नहीं पाता है । इसी बिच अर्जुन और संजू के बीच मे विवाद पैदा हो जाता है । कौन खिंचेगा जित का लाकिर ? साहील और करण मे किसका होगी बिंदिया ? अर्जुन और संजू के विवाद मे कौन जितेगा ? क्या अर्जुन के जैसा संजू बन पायेगा ? इन्ही सब सवालों का जवाब पाने के लिए फिल्म को देखना पडेगा ।

 

मेरा नंबर के सजाने के आप में मुझमे कोई फर्क नहीं पडता, क्योंकि हर किसी अलग अलग फिल्में पसंद होती है । नंबर के अनुसार इसीलिए सजाया गया है ताकि पहचाना जा सके और सारे फिल्मे Internet पर मौजूद है । आप देख सकते हैं, कहानी एक दम मस्त है, जो कि भुला नहीं जा सकता है ।

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