Love story Hindi movies:- उस समय कि फिल्मे जो 2000 ईं से लेकार 2003 के बीच में Release हुआ था । कफी ज्यादा लोगों ने पसंद किया, जो कि आज भी कईओं के दिमाग में ईंन पाँच फिल्मो की कहानी याद तौर पर वसा हुआ है ।

आज काल तो बहुत सारे Love Stories  movies देखने को मिलते है, जो कफी हद तक दिल को छू जाती है । लेकिन जमाना बहुत बादल गया है लेकिन Bollywood  के वो फिल्मे जो दिल को छू लेने के बाद आज तक उन फिल्मों का नाम जुबान पे रहती है । कफी भुलाने के कोशिस नाकम रहा जो कि दिल को कर दिया था, बेहाल ।

 Tere naam

2003 मे आई यह फिल्म ने कईओं का जिन्दगी उलट स पलट कर दिया था । फिल्म के Release के बाद,  फिल्म मे दिखाये रधे मोहन के हैर स्टाईल कफी ज्यादा महसूर हो गया था । आज तक गाँव मे यह हैयर स्टाईल प्रचालित है इसीलिए आप सोच सकते है यह फिल्म लोगों के दिल मे किस तह वास गया था ।

Storyline

एक पंडित का बेटी होती है, जो उसका नाम निर्जरा होती है । उसकी शादी पहले से ही एक ब्रम्हांड के साथ तय रहती है, लेकिन वह आगे पढना चाहती है । निर्जारा नया कोलेज जाती है, नया कोलेज मे उसकी मुलाकात रधे मोहन से होती है । जो कि हर समय किसी न किसी के साथ झगडा करना, मरपिट करना, उसका रोज का काम होता है । देखते ही राधे मोहन को निर्जरा से प्यार हो जाता है, राधे अपने दिल कि बात बताने के बाद निर्जारा उसे माना कर देती है । क्योंकि उसकी शादी पहले से ही तय होती है और रधे मोहन को, निर्जरा बहुत बुरा लडका मनती है, जिसके उसे माना कर देती है । राधे मोहन निर्जारा को भूला नही पाता है, और निर्जरा को किडनेप कर देता है । उस समय तक निर्जारा को रधे के आच्छे कामों के बारे मे पता चाल चुका होता है और वह राधे से प्यार करने लगती है ।

लेकिन प्यार दोनो मे होने के कुछ ही दिन बाद रधे मोहन को कुछ गुंडे मार कर घायल कर देते है, जिसे कि राधे मोहन का दिमाग काम करना छोड देता है । उसे अपना अतीत याद नहीं रहता है, उसे निर्जारा तक याद नहीं रहता है । कैसे ठिक होगा रधे, क्या राधे मोहन को दोबारा उसका प्यार मिलेगा या निर्जारा की शादी तय किये ब्रम्हांड से  होगी । नहीं देखा है तो देखीयेगा जरूर, कुछ देर तक तो दिमाग मे छप के राह जायेगा ।

 Dhadkan

2000 ईं मे आई यह फिल्म ने अंजाली नाम के लडकीँयो को पूरी तरह से तंग कर दिया था । हर लडके के मूँ अंजाली निकालना अम हो गया, हर तरफ अंजाली ही अंजाली सुनाई दे रहा था । कफी लोगों ने इस फिल्म को देखने के बाद आमिर बनने के लिए जबरजस्ती ब्रैकअप कर लिया था ।

Storyline

देव नाम लडका होता है जो कि बहुत गारीब होता है । उसके जिंदगी मे एक आमिर घर की आंजली नाम कि लडकी देव के जिंदगी मे आती है । दोनों मे बहुत दिनों से प्यार होता है, वे शादी करना चाहते है, लेकिन आंजली  के पिता देव के घर के स्थिती और गारीबी को देख । देव के साथ शादी करने के लिए माना कर देते हैं । आंजली के पिता जी आंजली का शादी धनी व्यक्ति राम नाम से होती है । राम के परीवार मे सौतेली माँ और भाई-बहनो के साथ आंजली भी शामिल हो जाता है । आंजली शादी के बाद भी देव को भुला नहीं पाई थी, साथ साथ रहने के बाद आंजली भी राम से प्यार करने लगती है ।

इसी बीच आंजली को पता चलता है कि राम के सौतेली माँ राम के भाई बाहन राम से कफी नफरात करते है, जब राम को सारी बातें बताती है । राम को उसके बारें मे कोई परवाह नहीं होता क्योंकि उसे पहले से ही पता होता है । दोनों के बीच मे प्यार होने लगता है, तभी आंजली के जिंदगी मे दोबारा देव आता है । उस समय तक देव राम से भी ज्यादा आमिर हुये रहता है और देव आंजली को पाने के चाह मे राम के घर तक खारीद लेता है । आंजली को जितने कि कोशिसों का पूरा हद पार कर देता है । क्या देव आंजली को हासिल कर पाता है? क्या उसके जिन्दगी में आंजली दोबारा आयेगी । नहीं देखा तो जरूर से देखें, इसमे आपको जानने के लिए भी मिलेगा कि क्या पैसो से किसी को जिता जा सकता है या नहीं ।

 Pyaar ishq aur mohabbat

2001 मे आई यह फिल्म कफी लोगों को रोमिओ बनने के लिए मजबूर दिया था । फिल्म मे देखाए गौरव सक्सेना ने कफी लोगो का दिल जित लिया था । उसकी प्यारी बातें और लडकीओं को मनाने का तारीका कई तो आसली जिंदगी मे भी प्यार के बिजनेस किये पर बिजनेस फैल रहा ।

Storyline

युवा ईशा नायर से बहुत बडा बिजनेसमैन यश सभरवाल को प्यार हो जाता है । यश ईशा से अपने दिल की बात बताता है लेकिन ईशा यश को शादी के लिए माना कर देती है । जिसके कारण यश के दिल मे ईशा को पाने कि चाह और दिल मे और जग जाता है । एक शादी मे यश कि मुलाकात गौरव सक्सेना से होता है जो कि दो प्यार करने वाले को मिलाता है । अगले ही दिन गौराव को यश अपना ओफिस बुला लेता है और ईशा को यश के लिए पटाने को कहता है । गौरव दस करोड के झाँसे मे आ जाता है, और ईशा को पटाने के लिए चला जाता है । उस समय ईशा स्कोटलैंड पर रहती है, जो ताज भरदवाज के साथ रहती है । ताज भी ईशा को चहने लगता है, इसी बीच गौरव स्टोटलैड पहुंचता है ।

ईशा को पटाते पटाते गौरव को भी ईशा नायर से प्यार हो जाता है ।  इस बात गौरव को कफी समय बाद पता चलता है । ईशा के पास तिन लडके सामने होते है, जो अपने प्यार को पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है । अगर अपने नहीं देखा है तो यह फिल्म जरूर देखें, की ईंशा को कौन अपना बना पता है? 

 Na tum jaano na hum

2002 ईं मे आई यह फिल्म ने चिठी के दुनिया को कफी बढावा दिया था । कई लडके तो इस फिल्म को देख आन्जन पता मे चिट्ठी लिखना शुरू कर दिये थे । यह सोच के कि कोई न अगर इस जहाँ मे होगी तो उसे चिट्ठी मिलेगी और उसके साथ जिन्दगी बिताये लेकिन शायद हि किसी को मिला होगा लेकिन कईओं को इसे एक आइडिया मिल गया था कि आंजन पते पर लिखने पर किसी न किसी पत्र जरूर मिलता है ।

Storyline

ईशा और राहुल की कहानी एक पत्र से आधारित दोस्ती शूरू होती है । ईशा चाहती है कि उसके साथ रहने वाला या होने वाला पति भरोसेमंद हो या जाने के लिए वे नामों और फोटो तक एक दूसरे को नहीं बताते है । धिरे धिरे दोनों मे प्यार हो जाता है, लेकिन फिर भी दोनों मे नाम फोटो का भी कोई आदन प्रदान नहीं होता है । इसी बीच रहुल के दोस्त अक्षय कि शादी तय होती है, अक्षय को पता नहीं होता है कि उसकी होने वाली पत्नी कैसे दिखाई देती है । राहुल को अक्षय उस लडकी को देखने के लिए भेजता है, वह ईशा के शाहर मे जाता है । इसी बीच ईशा और राहुल के बीच मे कफी दोस्ती हो जाती है ।

कुछ दिन बाद ईशा के दादा जी अक्षय के बारे मे ईशा को बताते है और शादी के लिए कहता है । तभी ईशा अपने दादा जी को लेटर में होती बातों को बताता है और उस दिन ईशा एक चिट्ठी लिखती है । राहुल को मिलने के लिए कहती है, लेकिन राहुल को वह चिट्टी लेट मे मिलता है जिसके कारण राहुल ईशा से मुलाकात नहीं कर पाता है । अक्षय और ईशा के सगाई के दिन राहुल को पता चलता है कि ईशा ही वह लडकी है जिसे कि चिट्ठी के द्वारा बांते किया करता था । राहुल अपने दोस्त अक्षय का दिल नहीं तोडना चहता था, इसीलिए वह अपने मे ही दबा के रख देता है । क्या ईशा को राहुल का प्यार मिलेगा, या राहुल कुंवारा ही मरेगा । अगर अपने फिल्म नहीं देखी है तो जरूर देंखे ।

 Khel

2003 में आई यह फिल्म कफी धमाके दार रही और सबसे बात इस फिल्म मे शुनिल शेट्टी के एक्टिंग कफी लोगों का दिल जित लिया । इस फिल्म के सबसे खस बात है यह कि प्यार के पाने के लिए इंसान किसी भी हद तक गिर जाता है ।

Storyline

करोडपति बिजनेस-मैन, देव माल्या और रोहन पोदार बचपन के दोस्त होते है और वे एक दूसरे के कम्पनी कफी समय बिताते है । एक दिन देव कि मुलाकात आंतरिक सज्जाकार सांझ बत्रा से होती है, उसी दिन से देव सांझ के ऊपर दिवाना हो जाता है । और देव अपने बंगले को सज्जाने का काम सांझ बात्र को सौंप देता है । देव को लगा था की इसी बिच सांझ को अपने प्यार के जाल मे फंसा लेगा । कुछ दिन के पश्चात देव को पता चलने लगता है कि रोहन और सांझ के बिच मे कफी कुछ चल रहे । उन चिजों चिजों के बारें मे रोहन से पूछता पर रोहन दोस्त है काह के टल के पार हो जाता ।

कुछ दिन बाद रोहन और सांझ के बीच मे गहरी प्यार हो जाती बात शादी तक पहुंच जाती है । उसी पश्चात देव को रोहन और सांझ के रिश्ते के बांरे मे पता चलता है । जब रोहन सांझ के घर से लौट रहा होता है, तो एक लडकी को कुछ गुंडे मारने कि कोशिस कर रहे होते हैं । इसी बीच रोहन उस लडकी के हत्या के ममले में फंस जाता है और रोहन को उम्र कैद कि साजा सुनाई जाती है । एसीपी राजवीर सिंधिया को लगने लगता है, कि रोहन को फंसाया गया है । उसके बाद खेल का शुरू होती है, क्या है इस खेल का नाम? आखिर कौन जितेगा इस खेल में? किसने खेला यह खेल? अगर फिल्म नहीं देखा है तो जानने के लिए फिल्म को देखना पडेगा ।

 

सारे फिल्में YouTube पर मौजूद है, और  मैंने नंबर के अनुसार इसीलिए सजाया है ताकि पहचानने मे दिक्कात न हो । आपके ऊपर है कि किस फिल्म को कहाँ पर रखना चाहिये । इन फिल्मों मे से अपने कौन कौन सी फिल्में देखी है, कमेंट आपका इंतजार कर रहा है ।

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