Rejection का समना कैसे करें:-हर किसी के पसंद अलग अलग होता है, आपका सामने वाला का भा  किसी न किसी के प्रति अलग अलग होता है । इसीलिए किसी को ठुकराना अपनी  पसंद कि लडके/लडकी की तलाश कि वाजह से किसी को ठुकराया जाता है । शायद सामने वाले ठोकराने से आपके दिल की हाल बडा बेहाल हो जाता हो जाये, जिसके बाद लोग कई गलत कदम उठा लेते हैं । जिंदगी वैसे ही नहीं मिली है, जो कि बर्बाद करके छोड दे । इस लेख मे हम जनेंगे जब कोई आपको ठुकराने पर, न का समना कैसे करें ? जन्ने के लिए अपनी कदम आगे बढायें ।

कैसे करें सामने वाला कि न का समना

1 ना के लिए पहले से तैयार रहें

इंसान ही ऐसा होता है कि जिस चिज के लिए वह मेहनात कर रहा उसे उस चिज मे फयदा ही फयदा दें । लेकिन ऐसा नहीं होता है, इसीलिए पहले से ही सामने वाला के न का समना का तैयार किए रहे । क्योंकि पसंद हर किसी का अलग अलग होता है, इसीलिए जवाब में हाँ के बादले न भी आ सकती है । इसीलिए खुदको पहले से न लिए तैयार रखें । ताकि आपको जोर का झटका लगने से बच सकें ।

Rejection का समना कैसे करें
Rejection का समना कैसे करें

2 सामने वाला की फिलिंग्स का आदर करें

किसी का माना करने की कई वाजह कई हो सकते है, अगर वह आपको माना करती है, तो वह किसी न किसी वाजह से ही माना करती है । सामने वाले के फिलिंग्स को समझे कि वह क्यों आपको माना कर रही है । हो सकता है कि वह उस वक्त रिलेशनशिप मे जूडना नहीं चाहती हो या फिर यह भी हो सकता है कि वह किसी ओर को पसंद करती हो, उनके माना करने कि कई वाजह हो सकते हैं । इसीलिए सामने वाले को फिलिंग्स को समझें, कि वह माना कर रही है तो किसी न किसी वाजह से कर रही है ।

3 रिजेक्शन जिन्दगी का हिस्सा होता है इसको समझे

हार काम मे एक ही बार से सबकुछ नहीं मिलता है । प्यार मे हाँ और न होते ही रहता है, इसीलिए यह सोच मन के चाले कि रिजेक्शन जिंदगी का एक हिस्सा है । कई प्यार मे रिजेक्शन के बाद, गलत सोच अपने मन मे लेके चलते हैं, लेकिन ऐसा सोच नहीं रखना चाहिए, बल्कि यह सोचना चाहिए कि रिजेक्शन जिंदगी का हिस्सा होता है । कई लोग सामने वाले रिजेक्ट करने के बाद, सामने वाले से बात करना ही छोड देते है । उसे नफरात करने लगते है, कि उसने मुझे रिजेक्ट कि ।

4 खुद को अकेला महसूस न करें

प्यार रिजेक्सन मिलने के बाद कई लोग, उसके जैसे कोई नहीं है इस दुनिया में, मै जिना चहता था, उसके साथ लेकिन वह मुझे रिजक्ट कर दी । यह सोच, दूसरे लडकी को लाईन मरना छोड वे अकेला रहने लगते है । एक के इंकार के बाद किसी ओर लडकी को लाईन मरना हिम्मात नहीं करते है । ऐसे सोचते है कि ओर कोई लडकी नहीं पटेगी । इस वाजह से वे अकेला रहने लगते हैं, खुदको अकेला महसुस करते हैं । खुदपे विश्वास करना छोड देते है, और अपने आपको एक रिजेक्शन के बाद नहीं अपने आप मे दूसरे लडकी के प्रति सोच नहीं पाते हैं ।

Rejection का समना कैसे करें
Rejection का समना कैसे करें

5 दोस्तो के साथ समय बितायें

जब किसी से प्यार हो जाता है तो वह अपने दोस्तो को भूल जाता है और अपने प्यार को ही सबकुछ मन्ने लगता है । जब वह इंकार या छोड के चाली जाती है, उस समय दोस्तों का यादा आता है । दोस्त तो वैसे भी हमेशा अपने दोस्तो के लिए तैयार रहते है । अपने दोस्तो के साथ वक्त बिताएँ, उनके साथ घूमे फिरे, हालाँकि बीच बीच मे रिजेक्शन कि याद आयेगी पर, आपको अकेला रहने के लिए मजबूर करेगी पर आपको अकेला नहीं रहना है । दोस्तो के साथ भिड मे रहें ताकि उसकी याद काम से कम आये । ज्यादा दोस्तो के साथ रहेंगे, तो आपको उसकी याद ज्यादा नहीं आयेगी जिसके कारण आप रिजेक्शन के दिन को भूल जायेंगे ।

6 गलत बिचारों को हवी न होने दें

हो सकता है कि आप उनके साथ जिन्दगी भार रहने का सपना सजाये थे, लेकिन आपके साथ कुछ ओर ही हो गया । वैसे स्थिती मे इंसान के मन मे कई गलत बिचारे आने लगती है, जिसके कारण कोई भी काम आच्छा से नहीं कर पाता है । अपने ऊपर गलत विचारो को न आने दें, नही उनको नुकसान पहुंचाने का सोचें, क्योंकि वैसे करने पर आप कभी भी किसी के साथ खूश नहीं राह पयेंगे । क्योंकि वह यादें मन मे जिंदगी भार के लिए राह जाता है । जो कि खूश रहने ही नहीं देता है, अपने उपर गलत विचारो को न आने दें, नहीं तो आपका गलत विचार आपको ही खा जायेगा ।

7 किसी ओर लडकी को तैयार रखें

किसी भी लडकी को इजहार करने से पहले, पहले से ही मन बना लें कि, उसके इंकार के बाद किसी ओर लडकी को लाईन मरूंगा । उदाहरण स्वारूप कार के चार पहीय़े होते है, और कार मे एक extra टायर इसीलिए रखा जाता है, ताकि रास्ते मे टायर पंचार हो जाये, तो जल्दि से बादल के आगे कि सफर को ताय कर सके । यही सोच के आप पहले से किसी ओर लडकी को तैयार रखे ताकि उसके माना कर देने के बाद, किसी ओर को लाईन मरना शुरू कर सकें । माना करने का कोई गम नहीं मिलेगा ।

Rejection का समना कैसे करें
Rejection का समना कैसे करें

8 आत्मविशवास बनाये रखें

जिस व्यक्ति मे अपने आप पर पूरा विश्वास होता है वह किसी से हार नहीं सकता है । क्योंकि उसका विश्वास उसके साथ रहता है, जिसके कारण वह गिर के दोबारा उठने का हिम्मात करता है । किसी से विश्वास करने से पहले अपने आप पर विश्वास करे, ताकि उसके इंकार के बाद आपका विश्वास आपके साथ रहे और आपको दोबारा ऊठने के लिए एकाग्रता करे । अपनी आत्मविश्वास को बनायें रखे, क्योंकि अगर आप अपने आप पर विश्वास करेगे, तो आपका विश्वास आपके साथ कभी नहीं छोडेगा ।

9 इजहार करने जाये तो कुछ ओर सोच के जाय़ें

जब  किसी को इजहार करने जाये तो अपने मन मे यह सोच के नहीं जाना है कि अपने दिल कि बात बताने के बाद वह हाँ ही करेगी । बल्कि ऐसा मन के जाना है कि, उसके माना कर देने के बाद किसी ओर लडकी को पटा लूंगा । उसके जैसे कई इस दुनिया मे है जो उनसे कई गुना आच्छे है । अपने मन मे कुछ ओर सोच बना के जाये, नहीं तो कुछ न सोच के उनके पास पहुंच जाये, क्योंकि उनके सामने आने के बाद अपने आप निकाल जायेगा जो आप कहना चाहते थे ।

 हर किसी को जित कि उम्मिद होती है, सामने वाला को हरा के । लेकिन जित ताभी हो पाती है जब सामने वाला कमजोर हो या उसे कुछ गलती हो जाता है तो जित की उम्मिद दिखाई देने लगती है । अगर सामने वाला तकातवार हो तो दिल मे हमेशा यही सोच बना रहता है कि जित पायेंगे या नहीं । अगर आपको वह लडकी इंकार करती है इसका मतलब है कि कि सामने वाला आपसे कई गुना आगे निकाल चुका है, जिसके कारण आप उनके सामने फिके दिखाई देने लगे है ।

आच्छे से पढें, नाम कामायें  शायद इसे आप उनसे आगे निकाल जायें ।

   पसंद हर किसी का अलग अलग होता है, इसीलिए सामने वाला से कभी न रखें हाँ कि उम्मिद । न के लिए पहले से तैयार रखें, यह वह जगाह है जहाँ कहा गया है कि पहले से अपने आपको न के लिए तैयार करके रखे । सामने वाला की फिलिंग्स का आदर करें, यह वह जगाह जहाँ सामने वाले कि फिलींग्स को समझने के लिए कहा गया, सामने वाला का फिलींग्स कुछ भी हो सकता है, बस फिलींग्स को समझने के लिए कहा गया है । रिजेक्शन जिन्दगी का हिस्सा होता है इसको समझे, यह वह जगाह जहाँ बताया गया है कि रिजेक्शन भी जिंदगी का हिस्सा होता है । खुद को अकेला महसूस न करें, यह वह जगह जहाँ अकेला रहने के लिए माना किया गया है । दोस्तो के साथ समय बितायें, यह वह जगह जहाँ दोस्तो के साथ वक्त बिताने के लिए कहता है और लोगो के मे भी हँसते हुये रहने को कहता है । गलत बिचारों को हवी न होने दें, यह वह जगह है जहाँ बताया गया है कि ईंकार के बाद सामने वाले के प्रति गलत बिचार नहीं रखना चाहीये । किसी ओर लडकी को तैयार रखें, वह जगह है बताया गया है कि पहले से ही किसी ओर को तैयार रखने के बारे मे बताया गया है । आत्मविशवास बनाये रखें, यह वह जगह जहाँ बताया गया है कि अपने अत्मविश्वास ही अपने साथ रहता है । इजहार करने जाये तो कुछ ओर सोच के जाय़ें, यह वह जगाह जहाँ बिना कुछ सोचे उस लडकी के पास जाने को कहता  है ।

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