relationship of husband and wife:- रिश्तों मे दरारें तभी आती है जब रिश्ते कोई मतलब नहीं रखा जाता, इसीलिए relationship of husband and wife में दरारे आना भी अम हो गया, रिश्ते मजबूत होना husband and wife के लिए बहुत जरूरी होता है, पता कर सकते है कि आप कैसे अपना रिश्ता को मजबूत करें ?

Relationship of husband  wife  पति पत्नि का रिश्ता 

विवाहिक जीवन वास्तव मे यह एक प्राकृतिक का देन है, जो कि पति और पत्नी दोनों को पूरी तरह से विकासित होना पडता है । निश्चित मात्रा में पति और पत्नि दोनों मे समझ की अवश्यक्ता होती है, जिसमे प्रेम, क्षमा, और धैर्य रिश्ते को आच्छा बनाये रखने मदद करता है । लेकिन ज्यादातर ममलों मे, न पति  का मे यह गुण दिखाई देते हैं नहीं पत्नि का में ऐसा स्थिती मे हमेशा झगडा पैदा होता है । हमेशा किसी न किसी चिज पर बहास निकाल आती है । एक दूसरे को दोषी ठहराते हैं, जिसके बाद छोटी सी बहास एक बडे झगडे का रुप धारण कर लेती है । जो उनके उपर केवल असर नहीं करता है, वह बच्चों पर भी असर डलता है, जिसके बाद परीणामस्वारूप दंपति अलग हो जाते हैं । इसीलिए शादी से पहले परीवार जीवन और बच्चों के बारें मे जानकारी लेना बहुत जरूरी होता है । इससे दंपति के ऊपर केवल नहीं बल्कि, पूरे परीवार खुशी का जिंदगी जियेगा ।

Tips for a better husband wife relationship एक बहेतार टिप्स पति  पत्नि के रिश्ते के लिए

Relationship of husband and wife
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एक खुशियाली दंपति में, एक दूसरे के भवनाओं को समझने और सम्मान करने का प्रयास हमेशा से रहती है, जिसके कारण अपनी जिंदगी को जिने मे पूरी तरह से सक्षम रहते हैं । वे दूसरे के गलतिओं के ऊपर बहास करने कि वाजय माफ करते है । साथ ही दोषों और कमजोरीओं के ऊपर भेदभाव नहीं करते हैं, जिसके कारण दंपति मे समान्ता बनी रहती है । यही समान्ता ही बच्चों के उपर भी आती है जिसके कारण बच्चो को भी अपने माता पिता कि ओर वह प्यार मिलता है जो कि उन्हे चाहिये होता है ।

प्यार भारी रिश्ता

एक प्यारा रिश्ता तभी बढ पाती है जब दो प्यार करने वाले बिना किसी झगडे के बिना किसी भेदभाव के  वे रिश्ता को सोने(Gold) से भी किमती समझ के आगे कि बढते है, जब पति पत्नि के बीच मे उनके दोस्त के बीच में या फिर किसी भी रिश्ते मे होते हैं वह एक रिश्ता को बढावा देते है । जो कि एक दूसरे को प्यार कि बंटवारा करते है, अलग अलग जीवन मगर एक ही मार्ग मे चलते है, यानी कि प्यार भी रिश्ते कि ओर बढते हैं । प्यार एक मार्ग है, वैसा ही विवाह भी एक मार्ग है, दोनो मार्ग मे चलना बहुत अवश्यक्ता है, प्यार के मार्ग भी विवाह के मार्ग भी जब तक कि समाप्त न हो जाये । लेकिन मार्ग समाप्त होने से पहले कई सारे संकट आते है, जैसे कभी कभी पति पत्नि मे झगडा हो जाता है, तो ट्रेन कभी भी पटरी से उतार सकती है ।

इसी देखते हुए आपकी प्यार भारी रिश्ता को तैयार करने कि अवश्यक्ता होती है, उनके साथ रहना प्यारी भारी बातें करना, आपके दिल और उनके दिल आप जैसा कोलेज के दिनों मे किया करते थे, मिलन करने कि अवशक्ता होगी । अपने प्यारी रिश्ता को संतुलन बनाये रखने के लिए, स्वंततत्र होना बहुत अवश्यक है, किसी को बंदी बना के उसके साथ जिंदगी भार नहीं राह सकते है । न ही यह प्यारी रिश्ता होता है, यह तो अपने ही घर मे दुश्मान को पैदा करने के बराबर होता है ।

एक प्यारा और सच्चा सबंधी तभी संभाव हो सकता है, जब दोनो मे एक जैसा विचार होता हो । विचारों को पति पत्नि के बिच मे बाँटते हों । अंधेरा हर किसी के घर मे होती है, उस घर मे रोश्नी तब आती है जब हम रोश्नी कि ओर बढेंगे, खरब बिजली के कनेक्सन को बदलेंगे तब जा के घर मे रोश्नी बने रहेगी । मुझे लगता है कि हर किसी को रिश्नी को जरूरात है और सभी कोई रोश्नी मे रहना चहते है, कोई नहीं चहता है कि अपना घर अंधेरा रहे और दूसरे घर मे रोश्नी दिखाई दे । एक दूसरे से प्यार और भवनाओं को एक दूसरे साथ बांटने से ही रोश्नी घर मे बने रहेगी, न ही एक दूसरे को खिलाफ बोलके । और सबसे खस बात जो दंपति मे झगडे उत्पान्न करती है वह है अतीत के बातों को लेकार, अतीत के गलतिओ को बार बार एक दूसरे के ऊपर चिपकाते रहने से । अतीत जींदगी मे सिर्फ जानकारी के लिए के लिए होती है, जो कि बताता है कि हम दोबारा वैसा गलती न करें । अतित के बातों पर बहास करने कि वाजय, भविष्य को लेकार बातें करें, क्योंकि अतित अतित होता है और वह एक बिता हुआ काल होता है ।

एक सच्चे सबंध लोगों को बनाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन इतना भी मुश्किल नहीं है जो कि मन मे खयाल आते रहते है कि सच्चे संबध बनाने मे सालों लग जायेंगे । ऐसा नहीं होता है, बस अपनो के साथ वक्त और अपने दिन चार्य को अपने सबंधिओं के साथ बाँटे, इसे आपका मन भी हल्का हो जायेगा और आपके साथ भी चाहने वाले होंगे । यदि एक रिश्ता मे है और समान्य तौर पर अपनों मे हैं तो आपके आच्छे रुप मे है, जो परीवार के प्यारे रिश्ते मे जूडे है, इसे ज्यादा आपके चाहने वालों और कुछ नहीं चाहिए ।

 

आखीर विवाहिक जीवन मे लढाईयाँ क्यों

Relationship of husband and wife
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ज्यादातर मामलों में यह होता है कि दम्पति मे एक दूसरे को समझने कोशिस नहीं करते हैं । विवाहिक जीवन मे कदम रखने के लिए कहा जाता है कि पढे लिखे और समझदार होना अवश्यक्ता है । लेकिन समझ को हासिल करने कि वाजय वे एक दूसरे कि समझ को नष्ट करने मे लग जाते हैं । इस मामले महीलाये कफी ज्यादा भावुक होती है, जिसके कारण पुरूष को उनके सामने झूकना है पडता है । दो रेखायें मिल जाते है, साथ मे रहने लगते है लेकिन वास्तविक तलमेल मे बैठक नहीं बन पाती है, जिसके बाद में कैसा दोनो में प्यार आयेगा आखीर लढाईयाँ तो निकलेगी ही ।

विवाहिक जीवन मे प्यार भारी जिन्दगी जिने के लिए, डिग्री कि अवश्यक्ता नहीं बस एक दूसरे के भवनाओं को समझने के अवश्यक्ता होती है । आपके पत्नि आपके पति को आपसे क्या चाहिये ? क्यों चाहिये ? जब तक उनको नहीं बतायेंगे आपके विवाहिक जीवन लढाई झगडे के साथ ही बितेगी । अपने मन कि बातें उनके दिल तक समझदारी से उन तक पहुचायें । जब भी किसी प्रकार कि काम या पत्नि के द्वारा कहे उसे माना न करते हुयें, काह के करलें, क्योंकि जरूरी है एक दूसरे कि मदद करना, एक साथ मिलके काम करना रिश्ता को बढावा मिलता है । मेरा मनना यही है कि विवाहिक जीवन तभी खुशी के साथ रहती है जब एक दुसरे को समझते हो, एक दूसरे कि इज्जात करते हो, एक दूसरे ऊपर शाक न करते हो, एक दूसरे को प्यार करते हों ।

 

विवाहिक जीवन में आखीर प्यार क्यों जरूरी होता है

विवाहिक जीवन मे अमतौर पर केवल गहरी त्वाचा मे ही प्यार होता है, लेकिन इसे भी जरूरी होता है मन, से उनको प्यार करना । क्योंकि गहरी त्वचा वाला प्यार कुछ देर के लिए हो होती  है अगर मन से प्यार के किया जो विस्तर मे केवल नहीं बल्कि कहीं भी प्यार कर सकते हैं । मेरा यह कहने का इरादा नहीं है कि आप बिस्तर मे प्यार न करें, नहीं ये मेरा इरादा नहीं है । त्वचा वाला प्यार शादी शुदा जोडों के लिए बहुत अच्छा वाला प्यार होता है, एक प्यार भारी जिन्दगी को बिताने के लिए ।

कई कई बार ऐसा भी होता है कि केवल त्वचा वाला प्यार में एक मंगता है तो दूसरा मना कर देता है । ऐसा इसीलिए होता है कि केवल उनके शरीर से लगाव है और आप उनकी दिल की मन की बातों से वाकित नहीं होते है तो आप प्यार भारी जिन्दगी नहीं जी सकते है । क्योंकि प्यार हर किसी को हर समय जरूरी होता है, खस कर आपके साथी को आपके बच्चों को । जब तक आप अपने दिल मे अपने परीवार पर्टनार के प्रति प्यार नहीं रखेंगे तब तक आप दूसरे के भवनाओं को समझ नहीं पायेंगे, दूसरे का हल समझ नहीं पायेंगे । आप से जो उम्मिद लिए होते है, वह उम्मिद भी आपसे हटा लेंगे ।

वास्तव मे आपको अपने पर्टनार और परीवार के प्रति ईंमादारी से उनका साथ देने कि अवश्यक्ता है । अपने परीवार वालों के प्रति केवाल नहीं, बल्कि आपके दोस्तों का परीवार वालों के साथ भी इमांदर और मदद की भवना रखना की अवश्यक्ता है । सबसे महत्वपूर्ण बातें जो कि दो प्यार करने वालों के बीच अधीक दिखाई देता है जिसके कारण उनमे प्यार बना रहता है, वह है क्षमा, धैर्य । यादि पति पत्नि मे पवित्र, धैर्य और क्षमा जैसे गुण है तो दोनों को ज्यादा बादलने के लिए संघर्ष नहीं करना पडेगा ।

दोनों मे शान्तिता बनी रहती है, जो कि एक शांतिपूर्ण जीवन व्यतित करते है साथ ही उनमे भेदभाव कि भवना बहुत कम होती है । जिसके कारण हर समय उनमें प्रेम झलकते दिखाई देता है, अगर दंपति मे किसी प्रकार का विवाद खडा हो जाता है, तो वे एक दूसरे को  क्षमा करते है । हमेशा साही करने कि कोशिश करने मे ही रहते है, और अपने परीवार के विकास कि ओर बढते है । इसीलिए विवाहिक जीवन में त्वचा के प्रेम केवल न दिखायें बल्कि मन से एक दूसरे का मे शांति बनाये रखें ।

 

किस बात पर तलाक

Relationship of husband and wife
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विवाहिक जीवन मे अलग होना एक अम हो गया है, जिसे हार रोज दंपति में तलाक हो जाने कि खबरे सूनने को मिलता है । जिसे लोगो मे विवाहिक जीवन का मजाक उडाया जा रहा है, वास्तव मे विवाहिक जीवन मजाक नहीं होता है, जो मजाक मे ले लेता है । वह अपने मन से कभी स्वतंत्र रुप से नहीं राह पाता है । एक कठोर रिश्ता तभी बनता है जब अपने आपको कठोर करेंगे, अपने रिश्ता को कठोर बनायेंगे । एक तलाक के बाद बार बार एक दूसरे से अलग होने कि विचार न करें, इसे आपके उपर ही केवल नहीं बल्कि बच्चों पर भारी असर पडता है । अपने रिश्ते मे धैर्य रखें, क्योंकि सब कुछ एक ही बार से बादलता नहीं, धीरे धीरे बादलता है ।

सुधारने की कई प्रयास करने के बाद भी जीन्दगी मे मुश्किलों का समना करना पडता है । आप ऐसा स्थिती मे एक तो मिलके समना कर सकते है या फिर चुप चाप सहान कर सकते है । कई ऐसे स्थिती मे एक ही फैसला को चुनते है अलग हो जाना मुश्किल से छुटकारा पा लेना । लेकिन तलाक के बाद कभी कभार ऐसा हो जाता है कि वह मुश्किले आपके सामने फिर से आ गई तो आप क्या करेंगे ? पहले के तरह ही आपको दो रास्ता चुनने को मिलेंगे । इसी तरह आपके विवाहिक जीवन मे कई सारे मुश्किले आती रहती है, जिसको समना करना नहीं आता है वह छोडके चला जायेगा, और इसी तरह ही भगता फिरता मिलता है । लेकिन मुश्किल, दिक्काते हर जगाह होती है, इसीलिए मुश्किलों का समना करना अवश्यक है । जब मुश्किलों समना करना सिख जायेंगे तो आने वाले मुश्किलों का समना करने में आसान होगी ।

 

बच्चों को दे प्यार तो आपको भी मिलेगा वैसे ही प्यार

किसी भी चिज के बारें ज्यादा सोचना चिंतीत हो जाना हाल नहीं होता है, बल्कि आपके परीवार के सदस्यों के ऊपर भारी पाड जाता है । यदि आप बच्चों को वेजह डाँटते है, उनके कैरेक्टर को लेके बोलते है तो आप यह बहुत गलत कर रहें है । हो सकता है कि वे कैरेक्टर से ढिला है, उनके चाल चालन ठिक नहीं है । लेकिन बहुत जरूरी पहलु है क्योंकि बच्चे जो सिखते हैं, वे अपने माता पिता को ही देख के सिखते है । पति पत्नि आप मे ही ऐसा कैरेक्टर हो जिसे कि बच्चे अपना लिए हो । कभी भी किसी को कुछ कहने से पहले अपने आपको पहले देखें, कहीं आप भी तो वैसे नहीं है । हाँ यहाँ हो सकता है अगर बच्चा स्कूल जाने के बाद नालायक हो गया, तो वह अलग बात है, क्योंकि दूसरों को भी देख  बहुत कुछ सिख सकते है गलत भी आच्छा भी । बच्चे, सामान्य मनुष्य के रूप में, सभी के पास अच्छे और बुरे दोनों गुण होते हैं ।

परीवार को किस दिशा मे लेकार जाना है कहाँ तक ले जाना है वह परीवार के बडे सदस्य के उपर नहीं बल्कि पति पत्नि के ऊपर निर्भार करता है । घर के बडे सदस्य आच्छा रहेंगे तो आपके बच्चे भी आपके जैसा ही बनने कि कोशिस करेंगे । अगर आप आच्छे नहीं रहेंगे रोजाना झगडा करेंगे, तो अपने बच्चो से आच्छा होने कि उम्मिद न रखें । हमारे पास दिल की बात सूनने के लिए कान नहीं है, मन की बात समझने जैसा हमारे पास यंत्र नहीं है । इसीलिए सामने वाले कि बारें मे जान नहीं पाते है, लेकिन उनके चेहरे भी बहुत कुछ कहता है जो कि समझने कि अवश्यक्ता है ।

किसी के खुशी का कोई सीमा नहीं होती है, गुस्सा का भी कोई सीमा नहीं होता है । जख्म न दे अपने बच्चों को, उनको खुशी दें प्यार दें, हो सकता है बाद मे आपको भी बादले मे वैसा ही प्यार मिले जो कि अपने दिया था । आपको वही प्यार मिलेगा जो कि अपने दिया था ।

कहीं परीवार के सबसे बडी दुश्मान आप ही नहीं है

Relationship of husband and wife
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जमाना ऐसा आ गया है कि दूसरो को खिंच के निचे ऊतारो और खुद ऊपर चाढों । पता नहीं ऐसा लोग कैसा होते है जो कि जब किसी के अपने पत्नि के बारे मे बातें होती है तो अपने पत्नि के कमजोरियों को दूसरो के सामने बांटते है । दूसरो के साथ अपने घर के झगडों के बारे मे टिप्पणीयां करते है । यह आपका सबसे बडा कमजोरी है आपके जीदगी का सबसे बडा दुश्मान आप खुद है, क्योंकि यह समझदारी नहीं बल्कि बहुत बडा मुर्खता है । क्योंकि आप जिसके साथ भी बाँटते है, आपके बतायें बातों को, आप ही आपके खिलाफ इस्तेमाल कर सकता है । इसीलिए अपने परीवार के बारें मे किसी को नहीं बताना चाहिये, चाहे आपके घर मे जितना भी झगडे होते हो लेकिन आपको नहीं बताना है । बताना होगा आच्छे बातों को बताये, जितना हो सके दूसरों के सामने अपने परीवार प्रति पत्नि के बारे मे तारीफें करें, लेकिन अपने परीवार मे हो रहे गलत चिजों दूसरों को न बतायें ।

विवाहिक जीवन मे भी रोमांटिक पलको का आनंद ले सकते हैं

समय के साथ हमारे साथ रहने वाले चिजे हमारे बीच मे पूराना हो जाता है तो हम उन चिजों पर ध्यान नहीं पाते है । सामने के चिजों पर इतना ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसके बाद हम सामने के चिजों पर उतना ध्यान नहीं दे पाते हैं । वैसे ही हमारे रिश्तों मे भी होता है, हम अपने सबसे कारीब अपने पति/ पत्नि के तरफ ध्यान नहीं देते है । जिसके कारण रिश्ता टूटने के कागर तक पहुंच जाती है । आपको सबसे कारिब चिजों पर ध्यान देने कि अवश्यक्ता है, ताकि आपका रिश्ता सालों तक बनाये रहें, आपके रिश्ते में दरारे आने का नाम ही न लें । आपके अपने शादी शुदा जिन्दगी को खूशहाल बनाये रखने में ज्यादा नहीं पर छोटी छोटी बातों का खयाल जरूर रखें ।

 

1 सप्ताहिक डेट्स रखें

Meaning of dating कहता है कि डेट् करने से डेट कर रहे लोगों मे एक रिश्ता बन जाता है । चाहे वह कुछ ही देर के लिए हो जिन्दगी भार के लिए पर रिश्ता तो बनती ही है । आपको हफ्ते मे कुछ घंटे तारीख तय करके आच्छे से जगाह देख, आप जोडों को कुछ देर के लिए वक्त बिताना चाहीए । अगर आपके बच्चे हैं तो पिकनिक जैसा गतिविधीयाँ परीवार के सदस्यों के साथ मिलके करना चाहिए । यह आपके जीवन परीवार के लिए कफी आच्छा शाबित होगा, आपके खुशी का दिन भी होगा । इसे आपका रिश्ता तो बढेगा साथ ही आपके परीवार पर्टनार के साथ एक व्यक्तिगत वक्त भी बिता लेंगे, घर में तो वैसे ही रोजाना बिताते है पर बाहर मे वक्त बिताना और भी ज्यादा आच्छा महसूस कराता है ।

2 आई लव यू कहने का तारीका ढूंडे

आई लव यू प्यार को प्रदर्शित करने का एक बेहतारिन रास्ता है, जिसे सामने वाला को पता चलता है आपके दिल में सामने वाले के लिए दर्द है । शायद आपके शादी हो जाने के महीनों बाद कहना छोड दिये हो लेकिन कहना जरूरी है । क्योंकि यह शब्दें हर उम्र मे उतना ही काम करती है, जितना कि जवानी मे काम करता है । कहने मतलब यह नहीं की आप हमेशा उनसे आई लव कहते फिरें ये इरादा न रखें, तब कहे जब आप दोनो अकेले हों ।

 3 मुझे तुमसे प्यार है कहें

आई लव यू और मुझे तुमसे प्यार है इन दोनो मे सिर्फ इतना फर्क है कि आई लव यू अंग्रेजी वक्य हैं, और मुझे तुमसे प्यार है हिन्दी । लेकिन अंतर उच्चारण मे आता है । हलाँकि शादी के बाद दंपतिओं को लगने लगता है दोनो तरफ से प्यार है फिर भी अगर आप कहेंगे तो जलते आग मे घी के बराबर का काम करेगा । अगर आप कहने से  यह भी होगा कि आपके जीवनसाथी को जवानी के दिन को याद दिलाने का बेहतारिन तारीका है जिसके बाद वह आपके साथ ओर आच्छा से घूल मिल जाने के लिए मजबूर हो जायेगी । दयालु बनें, बिचार करें, अपने पत्नि के प्रति अपने बच्चों के प्रति, क्योंकि प्यार का असली मतलब इजहार नहीं होता बल्कि साथी को खुशी देना होता है ।

 

4 अपनी आच्छे भवनाओं को उनके सामने प्रकाट करें

Relationship of husband and wife
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इंसान गुस्सा मे बहुत कुछ कर जाता है, जिसे सामने वाला को बहुत गहरी चोट खानी पडती है  । चाहे चोट दिल में लगा हो या हाथ पैर में, कहीं न कहीं तो लगती ही है । अगर आप जीवन साथी को चोट नहीं पहुंचाना चाहते है तो अपना गुस्सा को बाहर न आने दें, अपने गुस्सेल जुबानी से बात करने से बचें । क्योंकि लोहा जब गरम होती है तो जिस चिज पर रखी होती वह भी गरम हो जाता है । हो सकता है आपके गुस्सा मे उन्हे कुछ कहने पर आपके साथी को भी गुस्सा आ जाये जिसके बाद । वह हो जाये जिसके बारें मे आप सोचे ही नहीं होते हैं । जब झगडा बाहर निकाल जाये तो झगडा को बढाने कि वाजय, मिलके समाधान कि तलाश करें । क्योंकि झगडा बढाने से ज्यादा, सामाधान निकलना आच्छा होता है ।

कभी कभार ऐसा भी हो जाता है कि पर्टनार गुस्सा मे बहुत कुछ कहती है, जब कहती है तो उनको कुछ न कहे, सिधा जायें और गले से लगा लें, नहीं तो लिप किस् करें । एक दम से ठंडा हो जायेगी और आपके ऊपर से गुस्सा भी निकाल जायेगा ।

5 दिनों के नकारत्मक चिजों बिस्तर मे जाने से पहले निपटालें

यह दंपति के लिए बहुत अवश्यक्ता है, जब मैदान मे दोनो मे टिमें उतरती है तो पहले से पता नहीं होता है कि खेल मे कौन जितेगा । अगर उस खेल को नकारत्मक रुप से खेला जाये तो पहले से ही तय रहता है कि खेल कौन जितेगा । जब बिस्तर में जा रहे हो तो अपने दिन के झगडों को वहीं छोड दें, एक दूसरे को न काटें । सोने जाने से पहले सारे मुद्दो को निपटालें और असहमत हो जायें । अगर नकारत्मक सोच को दिल में रखें बिस्तर मे जाते है, तो आपको वह जित कि खुशी नहीं मिलेगा जो जितने के बाद मिलता है ।

5 रोमंटिक महसूस करांये

रोमांटिक होना जिंदगी मे बहुत जरूरी हैं, लेकिन आप कभी कभार रोमांटिक होने का इंतजार करते हैं और समय चाला जाता है  । इसीलिए रोमांटिक होने का इंतजार न करें, अगर सामने हैं, हल्के से छुंये, गाले से लगायें, उसके के बाद आपके इच्छा का पैदा होना तय है । कभी कभार ऐसा भी हो जाता है कि रोमांटिक होने के लिए समझ मे नहीं आता है, लेकिन आपको ज्यादा नहीं सोचना है, रोमंस करने के तरीके से करें और अपनी भवनाओं को खुला रखें ।

 

 प्यार भारी रिश्ता वह जगाह जहाँ, विवाहिक जोडो को झगडे जैसे तुच्छ शब्दो से दूर रहना चाहिए और धैर्य, प्रेम और क्षमा को अपना कर आगे बढना चाहिये । विवाहिक जीवन मे झगडा क्यों यह वह जगाह जहाँ दंपति मे समांतर रेखा खिंचना बहुत अवश्यक है, जिसे दोनों मे किसी प्रकार की भेदभाव नहीं आता है और एक दूसरे को जनने कि कोशिश करते है । विवाहिक जीवन क्यों जरूरी होती है, यह वह जगाह है जहाँ दम्पति न केवल त्वचा से प्यार करता है बल्कि मन कि भवनाओं से भी प्यार करना चाहिए, जो प्यारी रिश्ता को आगे बढाता है । किस बात पर तलाक, यह वह जगाह है जहाँ मुश्किले आती है तो आप मुश्किल को चुप-चाप शाह लें, या फिर तलाक दें दे, लेकिन मुश्किले आती रहती है, इसीलिए मुश्किलों समना करने कि अवश्यक्ता है । बच्चों को दे प्यार तो आपको भी मिलेगा वैसे ही प्यार, यह वह जगाह है जहाँ बच्चों को प्यार देना बहुत अवश्यक है, साथ मे आप साही नहीं है तो किसी से साही कि कोई उम्मिद मत रखना । परीवार के सबसे बडी दुश्मान आप ही तो नहीं है, यह वह जगाह है जहाँ परीवार के सदस्यों की कमजोरियाँ या झगडों को नहीं बताना चाहिए । विवाहिक जीवन मे भी रोमांटिक पलको का आनंद ले सकते हैं यह वह जगाह जहाँ आपको जवानी के दिन दोबारा याद दिलाता है, और वैसे ही जिने के लिए कहता है । आखीर कर जिंदगी मे सबसे खस जो हमारे विवाहिक जीवन को आच्छा बनाता है, वह है प्यार, इज्जात, समझ, काबिलीयात बहुत जरूरी होती है ।

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