What is the difference between love and attraction:- हमेशा ऐसा होता है जब कोई लडका या प्रेमी का मे यही उलझान पला रहता है कि जिस व्यक्ति के साथ वक्त बिताता है । उसके प्रति आकर्षित है या वास्तव मे प्यार ही गया है । आकर्षण और प्यार के बीच मे बहुत अंतर होता है जो कि नहीं जनते वे तो आकर्षण को ही प्यार मनने लगते है । जिसके कुछ दिन बाद जब उन्हे पता चलता है कि वह सिर्फ उसके प्रति आकर्षित हुआ था । आकर्षण किसी दिन किसी के प्रति हो जाता है, जो कि कहते है न पहली नाजर का पहली प्यार वही आकर्षण होता है । जिसके मूँ से भी यह बात सूने होंगे वह प्यार और आकर्षण के बीच अंतर पता नहीं होता है, इसीलिए उन्हे पहली नाजर का पहला प्यार हो जाता है ।

 आकर्षण और प्यार के बीच के अंतर

1 जब आप किसी को पहली नाजर मे प्यार कहते है वह वास्तव मे प्यार नहीं बल्कि उसके प्रति आप आकर्षित हुय़े होते है । क्योंकि पहली नाजर मे किसी के साथ प्यार नहीं होता है, मुझे जब किसी से प्यार हुआ तो एक महीना लगा उसके बाद वह अपना सा लगने लगी । जब कि पहली मुलाकात के बाद, उनसे मिलते मिलते देखते देखते बहुत दिन के बाद प्यार होता है । जो वह अपना सा लगने लगती है, उसके लिए जान भी चला जाये तो कोई फर्क न पडने वाला अहसास होता है ।

2 जब आप पहली बार किसी से मिलते है और शुरूआती दौर मे ही आच्छा लगने लगते है तो वह वास्तव मे प्यार नहीं होता है । बल्कि आप उनके प्रति आकर्षित हुए होते है, बस आपको वह पसंद है । जब कि प्यार मे पहली मुलाकात मे किसी से प्यार नहीं होता है । शुद्ध तारीके से प्यार होता है जो कि आकर्षण को दूर करके एक नया विषय पर सोचने के लिए मजबूर करती है ।

3 कहा जाता है कि प्यार आकर्षण के साथ होती है, लेकिन वास्तव मे यह कुछ हद तक साही है । क्योंकि जो व्यक्ति बस सुन्दरता को देख प्यार करता है वह वास्तव मे उसके प्रति आकर्षित हुए होते है । जिसके कारण बाद मे जा के दोनो के प्रति प्यार मे बादल जाता है । जब कि प्यार सुन्दरता को नहीं देखता है और किसी के साथ भी हो जाता है । किसी भी वक्त मे हो जाता है, इसीलिए प्यार मे आकर्षण का बहुत कम भूमिका होती है ।

What is the difference between love and attraction
love and attraction

4 जिस प्यार कि शुरूआत आकर्षण के द्वारा हुये होती है वह प्यार ज्यादातार कामवासना के लिए होती है । जो कि आगे जा के कई रिश्ता टूट जाती है क्योंकि जो व्यक्ति जिसके साथ सबंध है, वह किसी और का मे कैसे आकर्षित नहीं हो सकता ? जब प्यार बिना आकर्षित हुए शूरूआत हुए होती है, वैसे प्यार मे बहुत ही कम संभावना रहता है कि उनके रिश्ता टूटने का ।

5 जब आप किसी के प्रति आकर्षित हुए होते है तो आप भी किसी को आकर्षित करने कि कोशिस करते है । उस व्यक्ति को खूश करने के लिए अपने आप मे बहुत बादलाव करते है । पूरी कोशिस कर देते है उसको अपने तरफ आकर्षित करने के लिए, यह आप काह सकते है कि आकर्षण मन कि संतुष्टि को पूरा करता है । लेकिन प्यार ऐसा नहीं होता है, उनके साथ वक्त बिताके मौके का इंतजार करती है । उसके बाद ही किसी से प्यार हो पता है, जो एक सादे लालच के प्रति एक कदम आगे होता है ।

6 किसी से आच्छे समय मे रहना पंसद करते है और वह भी आपके साथ आच्छे समय मे रहती है तो वह आपके प्रति और आप उनके प्रति आकर्षित हुये होते है । लेकिन जब किसी से प्यार किये होते है तो ऐसा नहीं होता है, किसी  का खामियों और बिना कमीओं को देखे स्विकार किये होते है, जिसके कारण प्यार बुरे समय मे भी और आच्छे समय मे भी उनके साथ रहता है ।

साटिक रूप से आकर्षण और प्यार के बीच की अंतर

1 प्यार:- तब होता है जब आप किसी लडका या लडकी के या उसके मैकप, काजल लिपस्टिक के प्रति यानी कि रुप के प्रति आकर्षित नहीं हुये होते है । जो सिर्फ उनके भवनाओं को देख प्यार करते है, जो रुप, सुन्दरता जैसे किसी प्रकार की देखावटी को महत्व नहीं देता है ।

आकर्षण:- तब होता है जब आप किसी के प्रति उसके भवनाओं से नहीं बल्कि उसके रूप और सुंदारता के प्रति ध्यान केन्द्रित किये होते है । उनके लिपस्टिक, मैकप, चेहरे के सुन्दरता और कई  ऐसे चिजे जो उनको सुन्दर दिखाने के मदत करती है ।

2 प्यार:- तब तक जिन्दा रहती है जब तक प्यार करने वाले होते है और उनमे सालों बाद भी वही भवना होती है । जो कि पहले किया करते थे, वह अहसास, वही भवना । एक दूसरे के प्रति दिखाई देता है ।

आकर्षण:- जब किसी के प्रति आकर्षण हुये होते है तो उनमे कुछ दिन के बाद वह भवना खत्म हो जाती है, जो कि पहली मुलाकात मे होती है । वह भवनायें नहीं दिखाई देता है, दिखाई भी देता है तो दूसरो के प्रति आकर्षित होने के बाद होती है ।

3 प्यार:- अपनी भवनाओं को दूसरे के प्रति जल्दी  नहीं बताता और कभी कभार तो अपनी भवनाओं को बताने मे सक्षम ही नहीं हो पाती है । अपनी भवनाओं का जल्दी व्यक्त नहीं करता न ही किसी और व्यक्ति को उसके बारें मे बताता है और न ही प्यार ऐसी इरादों पर अमल करता है ।

आकर्षण:-  तब होता है जब आप आसानी से अपनी भवनाओं को किसी के सामने व्यक्त कर देते है । अपने दिल मे न सहने कि भवना पनापने लगती है, जिसके कारण आप जल्दी से उसे अपने भवनाओं को बता देते है ।

4 प्यार:- जैसे कि अपने उपरी लाईनों के अनुसार पढा कि प्यार जल्दी अपनी भवनाओं को नहीं बताता है । वह आई लव यू भी नहीं कहता है लेकिन प्यार विभीन्न तारीकों से जताता है । अपने प्यार को बिना आई लव यू कहे वह अन्नेको तारीके से दिखाता है ।

What is the difference between love and attraction
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आकर्षण:- मे अपनी भवनाओं को जल्दी बताने कि इच्छा रहती है जिसके कारण वह सामने वाला को आई लव यू काह देता है, जिसका मतलब वह नहीं होता है । बल्कि उसके प्रति आकर्षण होता है ।

5 प्यार:- लोग कहते है नाम मे क्या रखा है लेकिन प्यार के ममले मे बहुत कुछ रखा । मुझे आज भी वह लडकी याद है जब मैं उसकी नाम सूनता हूँ तो मेरे दिल में हलचाल मच जाती है । उसके दिल मे दर्द और सालों बाद भी वह प्रति क्रिया मुझमे उसके नाम सून के ही दर्द होती है ।

आकर्षण:- आपमे ऐसा होता है कि नहीं, ये मुझे नहीं पता लेकिन मैं कई लडकीओं के प्रति आकर्षित हुआ था । लेकिन आज उनका नाम तक याद नहीं है, न ही उनके नाम सूनके दिल मे कुछ भी नहीं होता है ।

6 प्यार:- किसी के भवनाओ से होती है जो कि हर सामने वाले कि खमिओं को गाले लगाता है और आच्छा होने का इंतजार नहीं करता बल्कि आच्छा बनाने कि कोशिस करता है । बुरे समय को बादलने कि कोशिस करते है और उन्हे अकेले नहीं छोड़ते हैं और फिर भी यह काम करने की कोशिश करते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता ।

आकर्षण:- हमेशा यही चाहेगे सबकुछ साही रहे, कभी बुरा वक्त का समना न करना पडे । जब आपका बुरा समय चाल रहा होता है, उस समय वह छोड के चला जाता है । वह आपके बुरे समय के साथ लढने मे आपका मदत नहीं करता है और जब आप आसानी से उसको छोड़ देते हैं और कुछ गलत होने पर उसे छोड़ देते हैं।

 

7 प्यार:-  जिस व्यक्ति से प्यार है उसके प्रति अपने से ज्यादा उसके प्रति परवाह होती है । जो कि आपका सारे समय उनको जाता है, जो कि उनका देखभाल करते है, उनका खयाल रखते है ।

आकर्षण:-  जब व्यक्ति किसी के प्रति आकर्षित हुये होते है तो वह सामने वाले के प्रति ज्यादा ध्यान नहीं दे पता है । उसके बारे में परवाह नहीं करता है, वह अपने आपको ज्यादा समय देता है ।

8 प्यार:-  दिवानो का कहना है न चोट लगती है न ही खून निकाला है लेकिन उसके प्रति दिल मे बहुत दर्द होता है । जब उसे चोट लगती है तो परेशानी मे डाल देता है, उसके साथ अपने को भी गहरी चोट देती है ।

आकर्षण:- सिर्फ उसके प्रति आकर्षित हुये होते है जब उसे चोट लगने पर भी आपको दर्द नहीं होता है नही उसके प्रति परेशान होते है ।

महत्वपूर्ण बातें

 अधिक समान लोगो के दृष्टिकोण, पृष्ठभूमि और अन्य लक्षणों में होते हैं । अधिक संभावना यह है कि वे एक-दूसरे को पसंद करेंगे । आम धारणा के विपरीत, आमतौर पर विरोधी आकर्षित नहीं करते हैं । हालांकि शारीरिक आकर्षण एक रोमांटिक रिश्ते के शुरुआती चरणों में पूर्वता ले सकता है, समानता और अन्य संगता कार्य के बाद अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं ।

जब आप पहली बार किसी को नया देखना शुरू करते हैं, तो आपको आश्चर्यजनक रूप से सकारात्मक भावनाओं की भीड़ महसूस होती है । इसे किसी रिश्ते का “उल्लंघन चरण” कहा जाता है।

What is the difference between love and attraction
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आपका मस्तिष्क डोपामाइन, सेरोटोनिन, ऑक्सीटोसिन और अन्य सभी अत्यधिक नशे की लत रसायनों के साथ भरा जा रहा है । जो कि आपका मस्तिष्क सख्त रूप से तरसता है । इन सभी रसायनों को आपके अंदर ले जाने के लिए । क्योंकि जितना अधिक आप किसी के प्रति आसक्त हो जाते हैं, उतनी ही अधिक संभावना है कि आप दोनों लंबे समय तक टिके रहेंगे और अपने भविष्य मे बच्चे पैदा करेंगे और खुश रहेंगे ।

 

 संभवना होती है कि प्यार शुरूआत आकर्षण से होती है और बाद मे जा के लंबे समय तक टिक पाये, कुछ हद तक संभवना रहती है ।

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